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जोधपुर की बेटी ने वियतनाम में फहराया राजस्थानी परचम

एनसीसी के 16 लाख कैडेट्स में उसकी दूसरी रैंक

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जोधपुर की बेटी ने वियतनाम में फहराया राजस्थानी परचम

जोधपुर की बेटी ने वियतनाम में फहराया राजस्थानी परचम

जोधपुर. नेशनल कैडेट कोर (NCC) में शामिल होकर बेटियां अब समाज में नए कीर्तिमान गढ़ रही है। ऐसी ही जोधपुर की एक बेटी है जिसने सात समंदर पार हिंदुस्तान और राजस्थान का परचम लहराया। वियतनाम में हुए अंतरराष्ट्रीय शिविर में शामिल होकर लौटी बेटी को अब एनसीसी महानिदेशालय की ओर से नवाजा गया है।

जोधपुर में 1 राज इंजीनियर रेजिमेंट की अंडर ऑफ़िसर श्रेष्ठा माथुर हाल ही में अंतरराष्ट्रीय एनसीसी यूथ इक्स्चेंज प्रोग्राम में वियतनाम में भाग लेकर लौटी हैं। श्रेष्ठा को एनसीसी निदेशालय ने बेस्ट कैडेट के रूप में केश रिवार्ड से नवाजा है। रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफ़िसर कर्नल बलदेव सिंह चौधरी ने गुरुवार को एनसीसी कार्यालय में श्रेष्ठा को कैश रिवार्ड दिया।

16 लाख कैडेट्स में श्रेष्ठा की दूसरी रैंक

जोधपुर की बेटी श्रेष्ठा एनसीसी की बेस्ट कैडेट है। एनसीसी के 16 लाख कैडेट्स में उसकी दूसरी रैंक है। देश के बेस्ट कैडेट को ही दुनिया के अलग-अलग देशों में होने वाले शिविरों में भेजा जाता है। वियतनाम में हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर के यूथ इक्स्चेंज प्रोग्राम में श्रेष्ठा ने बेहतर प्रदर्शन किया। प्रदेश से महज दो कैडेट का चयन हुआ था, जिसमें श्रेष्ठा एक है।

गणतंत्र दिवस पर भी नवाजा

श्रेष्ठा को गणतंत्र दिवस पर भी पुरस्कार से नवाजा गया था। वह ऑल इंडिया बेस्ट कडेट कॉम्पटिशन में दूसरे स्थान पर रहकर गोल्ड मेडल जीती थी। एनसीसी के महानिदेशक लेफ़्टिनेंट जेनरल गुर्बीरपाल सिंह ने पुरस्कृत किया।

श्रेष्ठा बोलीं-बेटियों के लिए एनसीसी बेस्ट

श्रेष्ठा माथुर का कहना है कि बेटियों के लिए एनसीसी बेस्ट है। उन्होंने वियतनाम के अनुभव साझा करते हुए कहा कि एनसीसी में बहुत कुछ सीखने को मिलता है। यहां आपकी पहचान लड़का या लड़की के रूप में नहीं, बल्कि एक कैडेट के रूप में होती है। श्रेष्ठा ने कहा कि उसे प्रसन्नता है कि वह बेस्ट कैडेट के रूप में चयनित हुई है।