
Students of nursing college give up
जोधपुर .मथुरा दास माथुर अस्पताल में बने राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय में पिछले तीन दिनों से स्टूडेंट प्रशासन से खफा चल रहें है। बुधवार को अपनी मांगों को लेकर नर्सिंग स्टूडेंट्स ने महाविद्यालय के बाहर धरना दिया। और अपना विरोध जताया। स्टूडेंट ने प्रशासन से बात कर फिर मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को ज्ञापन देने के लिए रैली निकाल मेडिकल कॉलेज पहुंचे और अपनी मांगों को प्रिंसिपल को बता कर ज्ञापन सौंपा।
मैस में मिल रहा खराब खाना
नर्सिंग कॉलेज के छात्रों ने मंगलवार रात मैस का बहिष्कार कर विरोध जताया। छात्रों का आरोप है कि मैस में उनको खराब खाना मिलता है। इसे लेकर रविवार को भी उन्होंने विरोध जताया था। छात्रों ने बताया कि मैस में खराब खाने की शिकायत कई बार प्राचार्य दिनेश चंद धामोदिया को की गई, फिर भी मैस संचालक पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। पिछले तीन दिन से छात्रों ने मैस का बहिष्कार कर रखा है।
छात्रों को निकाल हॉस्टल पर लगाया ताला
इधर सोमवार को मथुरादास माथुर अस्पताल के पीछे राजकीय नर्सिंग हॉस्टल के छात्रों को कॉलेज प्रशासन ने बाहर निकालकर ताला जड़ दिया। छात्रों की मानें तो वजह यह थी कि रात को खराब खाने को लेकर विरोध जताया। इसके बाद सुबह करीब सात बजे गार्ड ने छात्रों को हॉस्टल से निकाल दरवाजे के ताला लगा दिया। छात्रों का कहना था कि उन्होंने सुबह नौ बजे तक इधर उधर बैठकर समय बिताया। इसके बाद वे राष्ट्रीय पोलियो अभियान की ड्यूटी पर चले गए। उनके जाने के बाद हॉस्टल वार्डन ने ताला खोला।
सुबह प्राचार्य डीसी धामनोदिया के निर्देश पर सुरक्षा गार्ड ने सभी नर्सिंग स्टूडेंट्स को बाहर निकाल दरवाजे पर ताला जड़ दिया। सुबह इसका छात्रों ने काफी देर तक विरोध भी किया। इसके बाद प्राचार्य ने यह कदम उठाया। उधर, प्राचार्य ने छात्रों पर गणतंत्र दिवस पर झंडारोहण कार्यक्रम में नहीं आने और हॉस्टल में अनुशासनहीनता करने का आरोप लगाया है।
-------
वीडियो लीक होने पर धमकाया
सुबह छात्रों को हॉस्टल से बाहर निकालने से लेकर दरवाजे पर ताला लगाने तक का वीडियो तेजी से वायरल हुआ। छात्रों का कहना है कि इसके बाद प्राचार्य ने पोलियो ड्यूटी से लौटे छात्रों को अपने चेंबर में बुलाकर धमकाया। छात्रों ने प्राचार्य पर आरोप लगाया सुबह उनके कहने पर ही गार्ड ने बाहर निकाला। कई दिनों से हॉस्टल में रह रहे छात्रों को खराब खाना खिलाया जा रहा है, जबकि वे हर महीने तीन हजार रुपए खाने के देते हैं।
-------
कुछ समय के लिए लगाया था ताला
गणतंत्र दिवस पर छात्र झंडारोहण कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। इस अनुशासनहीनता को देखते हुए कलक्टर के निर्देश के बाद राष्ट्रीय पोलियो अभियान में ड्यूटी लगाई थी। सभी को कह दिया था कि सुबह सात बजे हॉस्टल के बाहर गाड़ी आ जाएगी, फिर भी वे बाहर नहीं निकले। आखिर में कुछ समय के लिए हॉस्टल के दरवाजे के ताला लगाया गया था, जिसे बाद में खोल दिया गया।
डीएस धामनोदिया, प्राचार्य, राजकीय नर्सिंग कॉलेज
Published on:
31 Jan 2018 11:56 am
बड़ी खबरें
View Allजोधपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
