
जोधपुर. मन में कुछ कर गुजरने का लक्ष्य हो तो कुछ भी असंभव नहीं है। इसी थीम पर कर्मचारी राज्य बीमा निगम में वरिष्ठ शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. सुशीला चौधरी पिछले कई वर्षों से समाज को नशा मुक्त करने के लिए जागरुक करने का कार्य कर रही है। इसके लिए डॉ. चौधरी ने अपने कार्यस्थल पर ही न सिर्फ काउंसलिंग कक्ष तैयार करवाया, बल्कि इलाज के लिए आने वाले उन मरीजों को नशा छोडऩे के लिए प्रेरित किया जो नशे की चपेट में है। यही वजह है कि उनकी प्रेरणा से अब तक सैकड़ों लोग नशे का त्याग कर चुके हैं। साथ ही महिला सुरक्षा, समाज जागरण को लेकर विभिन्न जनजागरुकता शिविरों का आयोजन भी कर रही है। जिनके माध्यम से समाज को नशा मुक्त रहने, तनावमुक्त जीवन जीने के गुर भी सिखाए जा रहे हैं। डॉ. चौधरी का कहना है कि मन में कुछ कर गुजरने का लक्ष्य यदि अटल हो तो कुछ भी असभंव नहीं है। यदि स्वस्थ भारत का निमार्ण करना है तो समाज को नशा मुक्त बनाना होगा। डॉ. चौधरी को नशे के प्रति समाज जागरुता के क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिल चुके हैं।