18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खरीफ से खुशहाली में महंगे बीज है अड़चन

- विशेषज्ञों की बीज चयन को लेकर सलाह- जिले में 12.50 लाख हैक्टेयर में होगी बुवाई- जिले में 6 लाख किसान

2 min read
Google source verification

जोधपुर

image

Amit Dave

Jun 29, 2021

खरीफ से खुशहाली में महंगे बीज है अड़चन

खरीफ से खुशहाली में महंगे बीज है अड़चन

जोधपुर।
मानसून पूर्व की बरसात से किसान खरीफ सीजन की बुवाई में लग गए है। अच्छे मानसून की उम्मीद में किसान फ सल बुवाई के लिए अच्छे बीज चयन को लेकर उहापोह की स्थिति में है। ऐसे में महंगे बीज से फ सल उत्पादन की बढ़ती लागत को कम करने के लिए किसानों को बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनना होगा। विशेषज्ञों ने किसानों की इस समस्या के समाधान के लिए आवश्यकता होने पर ही बाजार से बीज खरीदने की सलाह दी है। विशेषज्ञों की माने तो हाइब्रिड बीज हर बार नया खरीदे, किसानों को वैरायटी बीज हर बार नया खरीदने की आवश्यकता नहीं है। एक बार विश्वसनीय संस्थान से बीज खरीदकर उससे उत्पादित फ सल के बीज का अगले तीन-चार वर्ष तक फि र से बुवाई के लिए उपयोग किया जा सकता है। केवल हाइब्रिड बीज ही हर बार नया खरीदने की आवश्यकता है।
--
विशेषज्ञों की सलाह
- जिन फ सलों के संकर बीज है उन फ सलों के बीजों को हर बार नया खरीदकर ही बुवाई करें। इन बीजों से तैयार फ सल के बीजों की पुन: बुवाई से फ सल का पूरा उत्पादन नही मिलेगा। वहीं खरीफ फ सलों जिनकी किस्मों के वैरायटी बीज है, उन बीजों से तीन-चार वर्ष तक बिजाई कर सकते है। इसके लिए हर बार बाजार से नया बीज खरीदने की जरुरत नहीं है।
डॉ मोतीलाल मेहरिया, वरिष्ठ वैज्ञानिक
कृषि अनुसंधान केंद्र
--
- किसान किसी भी विश्वसनीय संस्थान/कंपनी से एक बार बीज खरीद कर उसकी बुवाई करें और जब फ सल में बीज बनने लगे तो खेत मे घूम कर अच्छे, निरोगी, बढिय़ा फ ली/बालियों वाले, एक समान पौधों को किसी धागे या वस्तु से चिन्हित कर दे। फ सल कटाई से पहले अंतिम रूप से चयनित पौधों को अलग से काटकर उसका बीज अगले तीन-चार वर्ष तक बुवाई के लिए काम में लिया जा सकता है।
रतनलाल डागा ,राष्ट्रीय जैविक प्रमुख
भारतीय किसान संघ
-
- क्षेत्र की मृदा व जलवायु, वर्षा जल की उपलब्धताए फसल पकने की अवधि के अनुसार विभिन्न अनुसंधान केंद्रों द्वारा फसलों की किस्में विकसित की गई है। किसान विभिन्न फ सलों की किस्मों के प्रदर्शन को देखकर जरुरत अनुसार उन्नत किस्म का चयन कर सकते है।
डॉ आर पी जांगिड़ , पूर्व निदेशक
राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय , बीकानेर
--
- राजस्थान स्टेड सीड्स व नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन, सहकारी क्षेत्र की कृभको के गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध है। क्षेत्र में सहकारी समितियों में ये बीज विक्रय किए जा रहे है, यहां से भी किसानों को बीज खरीदना उपयुक्त है।
बीके द्विवेदी, उप निदेशक
राजस्थान सीड्स कॉर्पोरेशन,जोधपुर
---
फसलें जिनक संकर व वैरायटी बीज
- संकर (हाइब्रिड) बीज - बाजरा, अरंडी, कपास, ज्वार। मिर्च, बैंगन, टमाटर आदि।
- वैरायटी बीज - तिल, मूंग, मोठ, ग्वार, मूंगफ ली, तिल आदि।
---
जिले में 12.55 लाख हैक्टेयर में होगी बुवाई
फसल - बुवाई लक्ष्य - बीज दर -- अनुमानित बीज मात्रा
बाजरा - 4.0 - 5-6.25 -- 2500
मूंग - 3.02 - 10-12 -- 3624
मूंगफ ली - 1.56 - 110-140 - 21840
कपास - 0-65 - 3-4 -- 260
ज्वार - 0-40 - 10-12 -- 480
तिल - 0.28 - 3-4 -- 112
मोठ - 0.90 - 9-12 -- 1080
अरंडी - 0.23 - 3-4 -- 92
ग्वार - 1.35 - 10-12 -- 1635
अन्य - 0.16
---------------------------------------
कुल 12.55
(फ सल, बुवाई लक्ष्य लाख हैक्टेयर में, बीज दर किलो प्रति हैक्टेयर, अनुमानित बीज मात्रा मीट्रिक टन में)