अब किडनी ट्रांसप्लांट के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर
मथुरादास माथुर अस्पताल : तीसरा गुर्दा प्रत्यारोपण ऑपरेशन सफल, मरीज आइसोलेशन रूम में शिफ्ट
जोधपुर. पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े राजकीय अस्पताल मथुरादास माथुर अस्पताल में तीसरा गुर्दा प्रत्यारोपण ऑपरेशन सफल होने के बाद अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अब किडनी ट्रांसप्लांट के लिए किसी को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। कोविड की वजह से बीच में कुछ समय से व्यवधान आ गया था, लेकिन अब किडनी ट्रांसप्लांट प्रोग्राम सुचारू रूप से चालू रहेगा।
मथुरादास माथुर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया कि बाडमेर निवासी किडनी डोनर जमीयत ने अपने भाई रहमतल्ला को किडनी दान की। उन्होंने बताया कि पश्चिमी राजस्थान में गुर्दा प्रत्यारोपण से संबंधित बीमारियां तुलनात्मक रूप से ज्यादा पाई जाती है। गुर्दा प्रत्यारोपण इस संस्थान में शुरू होने से इस क्षेत्र के मरीजों को लाभ प्राप्त होगा। अब ऐसे मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
मरीज स्वस्थ…आठ दिन आईसीयू में रहा
यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. गोरधन चौधरी ने बताया कि ट्रांसप्लांट सर्जरी करीब तीन घंटे चली। उसके पश्चात मरीज को विशेष रूप से बनाए गए ट्रांसप्लांट आईसीयू में रखा गया। आठ दिन आईसीयू में रहने के बाद मरीज को आइसोलेशन रूम में शिफ्ट कर दिया गया है।
यहां नि:शुल्क, बाहर 15 लाख खर्च
एमडीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में इस तरह के ऑपरेशन में दस से पंद्रह लाख तक का खर्च आ जाता है। यहां मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना में यह पूर्णत: नि:शुल्क है।