
sangri and pilu, Prosopis cineraria, Salvadora oleiodes
गर्मी बढऩे के साथ ही इसके साथ आने वाली बीमारियों का प्रकोप भी लोगों को सताने लगा है। इस प्रचंड गर्मी से बचने के लिए लोग आईसक्रीम आदि ठंडे पदार्थों का सेवन कर रहे हैं, लेकिन क्या ये चीजें सच में आपको गर्मी से बचा सकती हैं। मारवाड़ की गर्मी से बचाव का उपाय यहां की धरती पर ही मिलता है। यदि आपको गर्मी और बीमारियों से बचना है तो यहां उगने वाली सांगरी और पीलू आपके लिए वरदान साबित हो सकती हैं।
कस्बे सहित समुचे क्षेत्र में इन दिनो पीलू व सांगरी की बहार आई हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े और छोटे बच्चे खेतों में जाकर झाल के पेड़ से पीलू तोड़कर एकत्रित कर रहे हैं। साथ ही खेजड़ी के पेड़ पर आई सांगरी को एकत्र कर बड़े चाव से इनका सेवन कर रहे हैं।
औषधी है पीलू
जानकार बताते हैं कि पीलू लू से बचने की रामबाण औषधि है। पीलू खाने वाले को लू नहीं लगती। यदि किसी को लू लग भी जाए तो पीलू के सेवन से लू का असर कम हो जाता है।
सांगरी के हैं कई फायदे
ग्रामीण बताते हैं कि सांगरी की सब्जी खाने से कब्ज नहीं होती और पेट की कई बीमारियों को दूर करने में ये सहायक होती हैं। सांगरी की प्रसिद्धी क्षेत्र विशेष तक ही सीमित नहीं है। ये देस-विदेशों में भी खासी प्रसिद्ध है। यहां आने वाले विदेशी मेहमान इसे बड़े चाव के साथ खाते हैं।
जमाने का संकेत देते पीलू व सांगरी
ग्रामीण बताते हैं जब झाला के पेड पर पीलू व खेजडी के पेड पर सांगरी अधिक आती हैं तो समझना चाहिए की खरीफ की फसल अच्छी होगी तथा वर्षा खूब होगी। ये अच्छे जमाने का संकेत देने वाली मानी जाती रही हैं। पीलू व सांगरी बेचने वालों के लिए ये रोजगार के अच्छे साधनों में भी शुमार है।
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