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प्रदेश के वकीलों को झटका!

- हाईकोर्ट ने सिविल न्यायाधीश के लिए आवेदन की अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष रखी - राज्य की अन्य सरकारी नौकरियों में 40 वर्ष कर दी है गई आयु सीमा - 26 नवम्बर से शुरू होंगे आवेदन

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जोधपुर. प्रदेश में सिविल न्यायाधीश पद के लिए आवेदन करने के इच्छुक वकीलों के लिए निराशाजनक खबर है। राजस्थान हाईकोर्ट ने सिविल जज के लिए आवेदन की अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष ही निर्धारित करने का फैसला किया है, जबकि प्रदेश की अन्य सरकारी नौकरियों में आयु सीमा 40 वर्ष कर दी गई है। कुछ वकीलों ने इसको लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने का मानस बनाया है। सिविल न्यायाधीश पद के लिए ऑनलाइन आवेदन 26 नवम्बर से शुरू हो रहे हैं।

 

राजस्थान हाईकोर्ट ने सिविल न्यायाधीश संवर्ग में सीधी भर्ती के लिए प्रतियोगी परीक्षा-2018 के लिए पंद्रह नवम्बर को विज्ञप्ति जारी की है। राजस्थान न्यायिक सेवा (आरजेएस) परीक्षा के अंतर्गत प्रदेश में 197 पदों पर सिविल न्यायाधीश की भर्ती होगी। इसमें 86 पद वर्ष 2018 और 111 पद वर्ष 2019 के हैं। राजस्थान न्यायिक सेवा नियम, 2010 के अंतर्गत परीक्षा के लिए आवेदन की न्यूनतम आयु सीमा 23 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष रखी है, जबकि इस बार उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष करने की उम्मीद थी। गौरतलब है कि राज्य सरकार के चार साल पूरा होने के अवसर पर पिछले साल दिसम्बर में प्रदेश की सरकारी सेवाओं में अधिकतम आयु सीमा को 35 से बढ़ाकर 40 वर्ष कर दिया गया था। इसके बाद इस साल जारी होने वाली सभी विज्ञप्तियों में आयु सीमा का संशोधन करके जारी किया गया। आरएएस-2018, द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती, व्याख्याता भर्ती सहित तमाम परीक्षाओं में 40 वर्ष तक की आयु के अभ्यर्थी को पात्र माना गया।

 

न्यायालय को रिप्रजेंटेशन भेजा जाएगा
इस संदर्भ में न्यायालय को रिप्रजेंटेशन भेजकर अधिकतम आयु सीमा चालीस वर्ष करने की मांग की जाएगी। अधिकतम आयु सीमा के बढ़ाए जाने से अधिक अभ्यर्थी इसके लिए पात्र हो सकेंगे।

रणजीत जोशी, अध्यक्ष, राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन