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जोधपुर के भंडारी परिवार ने लेह-लद्दाख तक दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

-पर्यावरण संरक्षण व सांस्कृतिक एकता का संदेश देते हुए परिवार ने किया लेह-लद्धाख का रोड टि्रप-पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने हर गांव में गए

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जोधपुर के भंडारी परिवार ने लेह-लद्दाख तक दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

जोधपुर के भंडारी परिवार ने लेह-लद्दाख तक दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

जोधपुर. एक परिवार ने एडवेंचर्स टि्रप के साथ पर्यावरण संरक्षण व सांस्कृतिक एकता का परिचय देते हुए सड़क मार्ग से 4800 किलोमीटर का सर्किट पूरा किया है। जोधपुर से रवाना होकर 15 दिन की यह यात्रा कर परिवार जोधपुर पहुंचा तो कई लोगों ने उत्साह से स्वागत किया।

यह दास्तां है कवि भंडारी व उनके परिवार की। 5 जुलाई को उन्होंने जोधपुर से अपनी पत्नी मधु भंडारी पुत्र तेजस व पुत्री कोमल के साथ अपनी कार से यह यात्रा शुरू की। जोधपुर से अमृतसर, श्रीनगर होते हुए लेह-लद्दाख तक की यह यात्रा काफी चुनौतीपूर्ण रही। रास्ते में लैंड स्लाइड, बादल का फटना और फिसलन भरी सड़कों पर 61 वर्षीय कवि भंडारी ने खुद ड्राइव कर संदेश दिया। भंडारी बताते हैं कि उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों की संस्कृति को एक्सप्लोर करना अच्छा लगता है। एक परिवार ने एडवेंचर्स टि्रप के साथ पर्यावरण संरक्षण व सांस्कृतिक एकता का परिचय देते हुए सड़क मार्ग से 4800 किलोमीटर का सर्किट पूरा किया है। जोधपुर से रवाना होकर 15 दिन की यह यात्रा कर परिवार जोधपुर पहुंचा तो कई लोगों ने उत्साह से स्वागत किया।


हर गांव में गए
भंडारी बताते हैं कि उनका परिवार सांस्कृतिक एकता का संदेश देना चाहता था। इसलिए रास्ते में जो भी छोटे गांव आए, वहां गए, रुके और वहां की संस्कृति से रुबरू हुए। 20 हजार स्क्वायर फीट की ऊंचाई जहां श्वास लेना भी दूभर होता है, वहां की यात्रा भी की।


पर्यावरण संरक्षण का संदेश
भंडारी ने अपनी पूरी यात्रा में पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। प्लास्टिक फ्री वातावरण को प्रमोट करने के लिए उन्होंने कई स्लोगन भी दिए। साथ ही रास्ते में लोगों से समझाइश भी की। प्रकृति के निकट पहाड़ों में लोग यदि प्रदूषण फैलाते हैं तो इसका दुष्परिणाम हम सभी को ही भुगतना पड़ता है।