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शहरी हाईवे पर छलक रहे जामों पर हाईकोर्ट दिखा रहा सख्ती, आंखें मूंदे बैठा है आबकारी विभाग

एनएच विभाग बता रहा शहर से गुजर रहे हाईवे डी-नोटिफाइ नहीं

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जोधपुर. राष्ट्रीय राजमार्गों से शराब की दुकानें नियमानुसार दूर करने की पालना रिपोर्ट सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक बार फिर मांगी है। शहर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर राज्य सरकार के सरकारी विभागों के दो मत सामने आ रहे हैं। एक ओर जहां सार्वजनिक निर्माण विभाग की हाईवे शाखा शहर से गुजरने वाले तीन राष्ट्रीय राजमार्ग के डी-नोटिफाइ नहीं होने तक नियमों की पालना की बात कह रही है। इससे उलट आबकारी विभाग बाइपास निकलने के कारण इनके औचित्य को ही खत्म मान रहा है।

न्यायालय ने शराब की दुकानों को हाईवे से दूर करने के लिए आदेश जारी किए थे। शहरी क्षेत्र में हाईवे से 220 मीटर दूर और नगरीय निकाय क्षेत्र के अलावा हाईवे से 500 मीटर दूर शराब दुकानें खोली जानी थी। मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों से कुछ दिन पहले इसकी पालना रिपोर्ट मांगी। पीडब्ल्यूडी एनएच विंग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी। पड़ताल में शहर से गुजरने वाले हाइवे पर ऐसी कई दुकानें पाई है। लेकिन इनको हटाने के लिए जिम्मेदार आबकारी विभाग दुकानों को छूट दे रहा है। इसके लिए आदेश भी जारी करवाए गए हैं।

तीन राजमार्ग और दुकानों की स्थिति

- नागौर रोड से होकर शहर के बीच से गुजरता है एनएच 65, यह पावटा सड़क, नई सड़क, सोजती गेट, रेलवे स्टेशन, रिक्तिया भैरूजी सर्किल से होकर पाली रोड तक शहर का हिस्सा है। इस मार्ग पर 10 से अधिक दुकानें हैं।


- पावटा सर्किल से बनाड़ तक का शहरी क्षेत्र एनएच 112 का हिस्सा है। यहां 4-5 दुकानें हैं।

- तीसरा आखलिया सर्किल से जैसलमेर रोड भी शहरी क्षेत्र का हिस्सा है। यहां 4-5 दुकानें हैं।

एक सड़क जेडीए के हवाले

रेजीडेंसी रोड होते हुए बाड़मेर मार्ग डी-नोटिफाई हुआ है और यह जेडीए को हैंडओवर किया गया है। इसके अलावा शहर से तीनों राष्ट्रीय राजमार्ग अब भी वैध है। इनकी मरम्मत व अन्य कार्य एनएच विंग करती है।

लागू हुए तो करोड़ों का राजस्व प्रभावित

शहरी क्षेत्र में आबकारी विभाग वैसे तो इन दुकानों को हटाने की स्थिति में नहीं है। लेकिन केन्द्र को रिपोर्ट भेजने के बाद कार्रवाई होती है तो शहर में इन हाईवे से सटी 20 से अधिक दुकानें प्रभावित होंगी। इनसे मिलने वाले करोड़ों के राजस्व पर भी प्रभाव पड़ेगा।

बाइपास-रिंग रोड भी अधूरी

जिस बाइपास का हवाला देकर आबकारी विभाग दुकानों को शिथिलता दे रहा है वे सभी हाइवे सड़कों पर नहीं हैं। वर्तमान में नागौर रोड से पाली रोड और चौखा तक सड़क बनी है। इसके बाद पुन: नागौर रोड तक बाइपास या रिंग रोड प्रोजेक्ट की जमीन ही अवाप्त नहीं हो पाई है।

इनका कहना...

मंत्रालय ने रिपोर्ट मांगी है। शहर से गुजरने वाले हाईवे अब तक डी-नोटिफाइ नहीं हुए हैं। इन मार्गों की सार-संभाल हम करते हैं।


सुधीर माथुर, अधीक्षण अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय उच्च्च मार्ग खण्ड) जोधपुर

शहर में नहीं होता लागू

हाईवे से शराब दुकानें दूर करने का आदेश शहर में लागू नहीं होता। बाइपास के कारण इसके लिए नोटिफिकेशन निकला हुआ है। शहर के अलावा अन्य हाईवे पर पालना हो चुकी है।


छगनलाल श्रीमाली, अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, जोन जोधपुर