
लोको पायलट
जोधपुर।
प्रदेश में 40-45 डिग्री सेल्सियस तक तापमान होने से लोग बेहाल हैं। रेलवे के लोको पायलट 5-8 डिग्री सेल्सियस ज्यादा यानि 50 से 53 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में ट्रेन चलाने को मजबूर है। इंजन की हालत गर्मियों में किसी बॉयलर से कम नहीं होती। बाहर के तापमान के साथ इंजन की गर्मी से लोको पायलट के केबिन का तापमान करीब 50 डिग्री सेल्सियस होता है। इन हालातों में भी खुद को बीमार कर लोको पायलट यात्रियों को सुरक्षित उनकी मंजिल तक पहुंचा रहे है। रेलवे बोर्ड ने लोको पायलटों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2006 में लोको में एयर कंडीशनर (एसी) लगाने के लिए योजना बनाई थी, जो 12 साल बाद भी मूर्तरूप नहीं ले पाई। जोधपुर मंडल में कुल रेल इंजन की संख्या करीब 170 है । तापमान ही नहीं, इंजन में लगी 6 मोटरों के चलने की भारी आवाज और गडग़ड़ाहट भी इनकी परीक्षा लेती है। ये हालात इसलिए है क्योंकि रेलवे की 75 प्रतिशत से अधिक ट्रेनों के लोको पायलट के केबिन में एसी नही है। जिन 10 प्रतिशत ट्रेनों के इंजन में एसी लगे है, उनमें केवल 5 फ ीसदी ही काम कर रहे है। 10 प्रतिशत में केब फेन लगे है लेकिन ताज्जुब की बात है कि 5 प्रतिशत में कुछ भी नहीं लगा हैं जो कि किसी बायलर से कम नहीं है।
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बहरापन, बीपी-शुगर हो रही
चिकित्सकों के अनुसार लोको पायलट को हाई बीपी, शुगर और बहरेपन की बीमारी आम है। युवा लोको पायलट भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे है। वर्ष 2018-१9 में अकेले जोधपुर मण्डल में लगभग 10 से ज्यादा लोको पायलट मेडिकल डिकेटेगराइज हुए है। इंजन में टायलेट-बाथरूम की सुविधा भी नहीं है। एेसे में महिला लोको पायलट को बहुत ज्यादा दिक्कत होती है।
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लोको पायलट की स्थिति
पद नाम--- स्वीकृत पद--- भरे हुए
मेल---- 66--------- 66
पैसेंजर----- 77--------- 77
माल------ 311-------- 166
शटिंग------38-----------37
एएलपी---- 458-------- 295
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गर्मियों में पश्चिमी राजस्थान का तापमान बहुत ज्यादा रहता है, एेसे में लोको पायलट के लिए इंजन में एसी होने चाहिए। रेलवे से एसी के वर्क सेंक्शन मिलते ही एसी लगाने का काम किया जाएगा।
रवि मीणा, सीनियर डीएमई (डीजल)
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बाहरी तापमान व इंजन की गर्मी से लोको पायलट की हालत खराब हो जाती है। यूनियन की ओर से इंजन में एसी लगाने की पुरजोर मांग की जाएगी।
मनोजकुमार परिहार, मण्डल सचिव
नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉयज यूनियन जोधपुर
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गर्मी के मौसम में लोको में एसी नहीं होने से लोको पायलटों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। अमरीकी लोको की तरह सभी इंजन में एसी होने चाहिए।
अजय शर्मा, मण्डल सचिव
उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर संघ जोधपुर
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लोको पायलट विकट परिस्थितियों में काम करते है। रेलवे से लोको पायटलों के बेहतर स्वास्थ्य व काम के लिए इंजन में एसी लगाने की कई बार मांग की गई है और यह मांग लगातार जारी रहेगी।
डीआर सैन, मण्डल सचिव
ऑल इंडिया लोका रनिंग स्टाफ एसोसिएशन
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Published on:
10 May 2019 08:51 pm
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