
50 दिन बाद भारत में फिर से टिड्डी का प्रवेश, संयुक्त राष्ट्र अब स्काईप एप पर ले रहा बैठक
गजेन्द्र सिंह दहिया/जोधपुर. कोरोना के साथ अब टिड्डी का खतरा बढ़ गया है। करीब 50 दिन बाद भारत में फिर से टिड्डी रिपोर्ट की गई है। श्रीगंगानगर के हिंदुमल कोर्ट में पाकिस्तान के पंजाब से टिड्डी ने प्रवेश किया। पहले से सतर्क भारत के टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्ल्यूओ) ने टिड्डी दल पर स्पे्र करके काबू कर लिया है, लेकिन पाकिस्तान के पंजाब, सिंध, ब्लूचिस्तान प्रांत में टिड्डी दल और हॉपर होने से अब भारत में टिड्डी हमले की आशंका पैदा हो गई है।
मार्च के अंत में पश्चिमी विक्षोभों के कारण ईरान में हुई अच्छी बरसात ने टिड्डी को फलने-फूलने में मदद की है। वहां से टिड्डी पाकिस्तान के ब्लूचिस्तान प्रांत और फिर अन्य हिस्से से होते हुए भारत आ रही है। ईरान में टिड्डी स्प्रिंग ब्रीडिंग कर रही है। अंडे, हॉपर और हॉपर वयस्क टिड्डे में बदल रहे हैं। मई-जून में टिड्डी दल पाकिस्तान-भारत बॉर्डर पर समर ब्रीडिंग करती है। ऐसे में भारत ने फिर से टिड्डी से निपटने के लिए कमर कस ली है।
पाक ने किया हवाई जहाज से स्प्रे
पाकिस्तान में टिड्डी दल बड़ी संख्या में ईरान से प्रवेश कर गए हैं। वहां पंजाब प्रांत में फसलों को नुकसान हो रहा है। इससे निपटने के लिए पाकिस्तान ने 3 हजार किलोमीटर क्षेत्र में हवाई जहाज से कीटनाशक का छिड़काव किया है।
अब हर सप्ताह स्काईप से बैठक
संयुक्त राष्ट्र संगठन (यूएनओ) के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की ओर से टिड्डी प्रभावित देशों के साथ हर सप्ताह स्काईप एप्लीकेशन से बैठक आयोजित की जा रही है। भारत, पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान के टिड्डी नियंत्रण के अधिकारी आपस में बैठक करते हैं।
पूर्वी अफ्रीका व अरब प्रायद्वीप में स्थिति खराब
वर्तमान में पूर्वी अफ्रीका के देशों केन्या, इथोपिया, सोमालिया के अलावा अरब प्रायद्वीप के सऊदी अरब, यमन, ओमान, ईरान में टिड्डी की खराब स्थिति है। अफ्रीका में तो खाद्य संकट पैदा हो गया है।
टिड्डी नियंत्रित कर दी
भारत में टिड्डी के एक छोटे दल ने प्रवेश किया था। हमने उस पर काबू कर दिया है।
-डॉ. केएन गुर्जर, उप निदेशक, टिड्डी चेतावनी संगठन जोधपुर
Published on:
23 Apr 2020 04:37 pm

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