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machiya safari: ‘रियाज’ आंखों से लाचार…इलाज के लिए स्वीकृति का इंतजार

माचिया जैविक उद्यान का इकलौता शेर ‘रियाज’ आंखों से लाचार है। उसकी एक आंख में मोतियाबिंद है। दूसरी आंख ग्लूकोमा के कारण खराब हो गई है।

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machiya safari: ‘रियाज’ आंखों से लाचार...इलाज के लिए स्वीकृति का इंतजार

machiya safari: ‘रियाज’ आंखों से लाचार...इलाज के लिए स्वीकृति का इंतजार

‘रियाज’ आंखों से लाचार...इलाज के लिए स्वीकृति का इंतजार
माचिया जैविक उद्यान में सताने लगी शेर का कुनबे को बचाने की चिंता

जोधपुर. माचिया जैविक उद्यान का इकलौता शेर ‘रियाज’ आंखों से लाचार है। उसकी एक आंख में मोतियाबिंद है। दूसरी आंख ग्लूकोमा के कारण खराब हो गई है। आंखों से लाचारी के चलते अब वह न तो खुलकर दहाड़ पा रहा है और न ही घूम पा रहा है।

माचिया जैविक उद्यान प्रशासन के मुताबिक जन्म के कुछ समय बाद ही ‘रियाज’ की एक आंख में मोतियाबिंद की शिकायत हो गई। उसकी दूसरी आंख ग्लूकोमा से खराब हो गई। 12 मई 2017 को जन्मा रियाज अब 6 वर्ष से ज्यादा का हो गया है। उद्यान प्रशासन ने मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को पत्र भेजकर सारे हालात बताते हुए आंखों के उपचार के लिए स्वीकृति मांगी है। स्वीकृति आए तो शेर की आंखों के उपचार की प्रक्रिया आगे बढ़े।

जोधपुर की शेरनी अब अकेली

जयपुर ले गए जीएस की मृत्यु हो जाने के कारण अब जोधपुर की आरटी शेरनी बिल्कुल अकेली रह गई है। वर्तमान में जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में तारा और उसका भाई है। जीएस की मृत्यु के बाद जयपुर में तो गुजरात से एक और शेर का जोडा़ लाने की परमिशन मिल गई है, किन्तु जोधपुर के माचिया जैविक उद्यान से आरटी का साथी चला गया।

शेरों का इंतजार

‘रियाज’ की तबीयत खराब रहने के कारण और आरटी के अकेले हो जाने के कारण जोधपुर जैविक उद्यान में शेरों का कुनबा बढऩे के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में जयपुर या गुजरात से वापस आरटी के लिए किसी साथी को या शेर के जोड़े को भेजने से ही जोधपुर के माचिया जैविक उद्यान में शेरों के बढ़ने की उम्मीद जाग पाएगी।

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चिकित्सकों से सलाह

‘रियाज’ की रिपोर्ट के साथ जरूरी डॉक्यूमेंट अधिकारियों को भेज दिए गए हैं। सभी रिपोर्ट को देखने तथा रियाज की वर्तमान स्थिति को देखकर ही वन्य जीव चिकित्सकों की सलाह से रियाज का ऑपरेशन किया जाएगा।

- संदीप कुमार छलानी, उपवन संरक्षक- माचिया जैविक उद्यान