
aparna dixit
जोधपुर . टीवी धारिवाहिक महाभारत, पवित्र रिश्ता, मेरी आशिकी तुमसे ही और कलश जैसे धारावाहिक में किरदार निभा चुकी अंबिका एवं देविका फेम टीवी अभिनेत्री अपर्णा दीक्षित शुक्रवार को स्वर्णकार समाज के गरबा कार्यक्रम में शिरकत करने जोधपुर पहुंची। अपने कॅरियर में आगरा जैसे छोटे शहर से निकलकर मुंबई तक का सफर तय करने वाली इस अभिनेत्री ने कॉलेजी शिक्षा से अचानक टीवी सीरियल की दुनिया में पहुंचने के बारे में अपने रोचक अनुभव राजस्थान पत्रिका से साझा किए।
बातचीत के अंश :
सवाल : क्या आपने कभी सोचा था कि आगरा जैसे शहर से आप एक दिन टीवी की दुनिया में मुंबई पहुंच जाएंगी।
जवाब : कॉलेज में पढ़ाई करते हुए जब मुझे ऑडशन के लिए कॉल आया तो मुझे विश्वास नहीं हुआ। मैंने सोचा कि कोई फेक कॉल होगा। मैंने बॉयज फ्रेंड्स को यह बात बताई तो उन्होंने कहा चलकर देखते हैं, इसलिए मैं अपना फस्र्ट ऑडिशन मेरे दोस्तों के साथ पूरी तैयारी के साथ गई कि कोई गड़बड़ हुई तो उन्हें पीट कर आएंगे, लेकिन वहां जाकर मुझे सलेक्ट कर लिया।
सवाल : कॉलेज में पढ़ाई करते हुए अचानक से एक्टिंग में जाना, शुरूआत में अभिनय के दौरान किस तरह की परेशानियां सामने आई।
जवाब : मैंने कभी अभिनय नहीं सीखा था। न ही मैंने कभी टीवी सीरियल में जाने के बारे में सोचा था। मेरे पापा तो मुझे टीचर बनाना चाहते थे, लेकिन जब टीवी सीरियल के लिए सलेक्शन हुआ तो मैंने पॉजिटिव रहते काम किया। जो भी किरदार मिले, सभी को निभाया।
सवाल : आगे अपने कॅरिअर में किस तरह के किरदार निभाना चाहती हैं और फिल्मों में जाने के बारे में क्या सोचती है?
जवाब : सच कहूं तो मैं कभी किसी किरदार से बंधी नहीं। मैंने पॉजिटीवी और नेगेटिव सभी किरदार किए। आगे भी जहां मौका मिलेगा, वहां सकारात्मक होकर अच्छे से कार्य करती रहूंगी।
सवाल : आगरा से मुंबई पहुंचने तक लाइफ में क्या बदलाव आए?
जवाब : आगरा की लाइफ बहुत कूल थी, यहां हम कभी भी गोल गप्पे खाने निकल जाया करते थे। अब भागदौड़ भरी लाइफ हैं। लेकिन मैं खुश हूं। शुरूआत में एकबारगी ऐसा हुआ कि मैं बीमार हो गई। अगले दिन मुझे सीरियल की शूटिंग के लिए जाना था और हंसने का किरदार करना था, लेकिन अंदर से काफी रोना आ रहा था। फिर भी किरदार किया और उसके बाद मैं खूब रोई, लेकिन मुझे पता है कि हम जहां हैं, वहां हमारे फैन्स की हमसे काफी उम्मीद रहती है। इसलिए अब सारी चीजें नॉर्मल हो गई हैं।
सवाल : स्कूल लाइफ के समय की ऐसी कोई रोचक घटना जो अभी तक याद हो?
जवाब : मुझे बचपन में छोले-भटूरे खाने का शौक था। मेरे एक फ्रेंड्स का बर्थ-डे था, लेकिन उसने इनवाइट नहीं किया। इसके बाद भी मैं अपने फ्रेंड्स के साथ उसके यहां छोले-भटूरे खाने के लिए पहुंच गई। उसी समय यह बात मां को पता चल गई तो वह वहीं उसी समय आ गई और सभी के सामने डांट लगाई और दो तीन दिन तक छोले-भटूरे ही खिलाए। इसके बाद मैंने कभी छोले-भटूरे नहीं खाए।
फिट रहने के लिए आप कितने घंटे वर्कआउट करती हैं?
मैं कभी जिम नहीं जाती और न ही डाइटिंग करती हूं। मुझे गोल गप्पे, दही बड़ा, चाट खूब पसंद है। जब भी आगरा आती हूं तो अच्छे से खाती हूं। मेरे फ्रेंड्स को भी मेरे खाने की आदत के बारे में पता है। इसलिए मेरे बर्थ-डे पर सभी मुझे खाने-पीने की ही चीजें ज्यादा भेजते हैं। यहां भी मैंने जोधपुर का मिर्ची बड़ा खाया, जो काफी अच्छा था।
Updated on:
23 Sept 2017 05:29 pm
Published on:
23 Sept 2017 04:57 pm
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