
महाराणा प्रताप ने संकटकाल में की थी मारवाड़ , जैसलमेर सिंध-यात्रा...पढ़िए पूरी खबर
जोधपुर. महाराणा प्रताप के बारे में जारी अनवरत शोध कार्य में नवीन तथ्य उजागर हुए है। इस नवीन तथ्य से महाराणा प्रताप के इतिहास में एक नया अध्याय का सूत्रपात होने के साथ ही शोध-खोज का आगे पथ प्रशस्त हो सकेगा। प्रताप शोध प्रतिष्ठान, उदयपुर एवं राजस्थानी शोध संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. हुकमसिंह भाटी ने बताया कि मारवाड़ के ठिकानों के ख्यात ग्रंथों और स्थानीय दस्तावेजों की खोज से यह नवीन तथ्य प्रकट हुआ है कि मेवाड़ में हल्दी घाटी के युद्ध और कुंभलगढ़ पर अकबर की सेना के आक्रमण होने और उस समय ही मारवाड़ में जोधपुर-सिवाना पर मुगल सेना का कब्जा होने के फलस्वरूप जोधपुर के शासक राव चन्द्रसेन और महाराणा प्रताप का मिलन 1577 ई. में मेवाड़ में हुआ। उन्हें जब जैसलमेर के महारावल भीम के शासक बनने की सूचना मिली तब महाराणा प्रताप और राव चन्द्रसेन ने मैत्री गठबन्धन करने के लिए जैसलमेर जाने का निश्चय किया। वे पहले आबू में सिरोही के राव सुरताण देवड़ा से मिले अनन्तर लोयणा के स्वामी रायधवल देवल के वहाँ ठहरे। प्रताप ने उन्हें राणा की पदवी से विभूषित किया। बाद में वे छप्पन के पहाड़ों में होते हुए नागाणा देवी के दर्शनार्थ पहुंचे और वहाँ से जैसलमेर पहुँचकर महारावल भीम से गठबन्धन किया। राव चन्द्रसेन पुनः मारवाड़ लौटे और प्रताप सिंध की ओर गये। वहाँ काफी समय तक रुकने के बाद जैसलमेर लौटे। उस समय महारावल भीम ने सौ अश्वारोहियों की सेना सहायतार्थ भेजी। फिर महाराणा प्रताप नागाणा होते हुए उहड़ राठौड़ों के साथ अपने ननिहाल पाली में रुके। पाली का पट्टेदार गोपालदास चांपावत उनके साथ में हुआ और वे आउवा पहुँचे। वहाँ सैसमल चांपावत ससैन्य सम्मिलित हुआ। इस संयुक्त सेना ने 1585 ई में पहले आमेट की मुगल चौकी पर आक्रमण किया फिर कुंभलगढ़ आदि स्थानों में अपना कब्जा करने में सफल हुए। इस विजय में मारवाड़ व जैसलमेर सेना की विशेष भूमिका रही।
प्रताप उस समय गठबन्धन यात्रा में थे व्यस्त
वस्तुतः 1578 ई. से 1584 ई. के कालखण्ड में मुगल सेना ने अनेक बार मेवाड़ जाकर प्रताप का पता लगाने का प्रयास किया परन्तु उन्हें असफल ही लौटना पड़ा। क्योंकि प्रताप उस समय गठबन्धन यात्रा में व्यस्त थे। इन यात्रा सौपानों की पुष्टि, उहड़ राठौड़ों की ख्यात, चांपावतों की ख्यात और समसामयिक डिंगल गीतों से होती है। इसके अलावा जेम्स टॉड ने प्रताप के सिंध जाने की संभावना जताई है।
Published on:
03 Jun 2022 12:01 pm
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