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Mahatma Gandhi Hospital : एमजीएच में पहली बार टोटल फीमर ट्रांसप्लांट…पालू देवी का पांव कटने से बचाया, अब वह चल-फिर सकेंगी

महात्मा गांधी अस्पताल में पहली बार शरीर की सबसे बड़ी हड्डी (जांघ की हड्डी) फीमर को पूर्णतया प्रत्यारोपित किया गया है। अब लोहावट निवासी पालू देवी का पांव नहीं कटेगा। वह सामान्य रूप से चल-फिर सकेंगी। उसकी जांघ की हड्डी में कैंसर था। उसका ऑपरेशन मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना में पूरी तरह नि:शुल्क किया गया।

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Mahatma Gandhi Hospital : एमजीएच में पहली बार टोटल फीमर ट्रांसप्लांट...पालू देवी का पांव कटने से बचाया, अब वह चल-फिर सकेंगी

Mahatma Gandhi Hospital : एमजीएच में पहली बार टोटल फीमर ट्रांसप्लांट...पालू देवी का पांव कटने से बचाया, अब वह चल-फिर सकेंगी

जोधपुर. महात्मा गांधी अस्पताल में पहली बार शरीर की सबसे बड़ी हड्डी (जांघ की हड्डी) फीमर को पूर्णतया प्रत्यारोपित किया गया है। अब लोहावट निवासी पालू देवी का पांव नहीं कटेगा। वह सामान्य रूप से चल-फिर सकेंगी। उसकी जांघ की हड्डी में कैंसर था। उसका ऑपरेशन मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना में पूरी तरह नि:शुल्क किया गया।
पालू देवी को चोट लगने से छह माह पहले अचानक तकलीफ हुई। वह चलने-फिरने में भी असहाय हो गई। वर्ष 2015 में उसके कैंसरग्रस्त भाग को हटाकर ट्यूमर प्रोस्थेसिस घुटना प्रत्यारोपण कर दिया गया था। तब से वह सामान्य जीवन जी रही थी। उसने डॉ. किशोर रायचंदानी से संपर्क किया, जिन्होंने उनका पूर्व में यह ऑपरेशन किया था। जांच में पाया गया कि आठ वर्ष पुराना उसका जोड़ अब फीमर की हड्डी को तोडक़र बाहर आने को था। बाकी बची छोटी सी फीमर बोन में इतना सामथ्र्य नहीं था कि इस जोड़ को किसी भी तरह से बचाया जा सके। इस स्थिति में सिर्फ दो ही विकल्प बचे थे कि या तो पांव काट दिया जाए या उसे बचाने का प्रयास किया जाए। उसका पांव बचाने की डॉक्टरों की कोशिश रंग लाई और 9 सितंबर 2023 को फीमर को प्रत्यारोपित कर उसे जीवनदान दिया गया। उनकी बायोप्सी रिपोर्ट में भी अब कैंसर का अवशेष नहीं रहा। दो सप्ताह से भी कम समय पर वह अपने पांवों पर खड़ी है। चॉकर के सहारे से चलने में सक्षम है।
ऑपरेशन टीम
डॉ. किशोर रायचंदानी, डॉ. निरोत्तम सिंह, डॉ.मनोज रेहडू, रेजिडेंट डॉ. महेश अरोड़ा, डॉ. सरिता जनवेजा, डॉ. प्रमिला सोनी व डॉ. रश्मि जौहर तथा अजीत गुरनानी, गणपत व ज्ञान।
टीम को बधाई
महात्मा गांधी अस्पताल की अधीक्षक डॉ. राजश्री बेहरा ने पालू देवी से मिलकर खुशी जाहिर की। उन्होंने पूरी टीम को बधाई दी। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिल डॉ. दिलीप कच्छवाह ने पूरी टीम को बधाई देते हुए इस तरह के असाध्य, जटिल रोगों का उपचार करने के लिए प्रेरित किया।
संभाग में ऐसा पहला ऑपरेशन
इस तरह का ऑपरेशन पूरे संभाग में पहली बार हुआ है। यह हमारे विभाग व कॉलेज के लिए गर्व का विषय है। सभी यूनिट्स में सभी तरह के जटिल ऑपरेशन किये जा रहे हैं एवं सभी तरह के रोगों के उपचार की सुविधा यहां उपलब्ध है। हमारा विभाग राज्य के सर्वश्रेष्ठ ऑर्थोपेडिक्स विभागों में से एक है ।
- डॉ. महेंद्र आसेरी, अध्यक्ष, आर्थोपेडिक विभाग