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राजस्थान में किसान के बेटे का ISRO में चयन, ऑल इंडिया टॉप कर किया नाम रोशन

बचपन से विज्ञान में रूचि रखने वाले महेंद्र ने विपरीत परिस्थियों व आर्थिक संकट के बावजूद हार नहीं मानी और कठिन मेहनत करते हुए अपने साथ परिवार के सपनों को भी वैज्ञानिक बनकर पूरा किया।

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mahendra chaudhary isro

जोधपुर. कहते है कि सपने उन्हीं के पूरे होते हैं, जिनके सपनों में जान होती हैं। ऐसा ही एक सपना जोधपुर जिले के कालीजाल गांव के किसान छोगाराम के बेटे महेंद्र चौधरी ने देखा था, जो आज इसरो में वैज्ञानिक बनकर पूरा हुआ है।

बचपन से विज्ञान में रूचि रखने वाले महेंद्र ने विपरीत परिस्थियों व आर्थिक संकट के बावजूद हार नहीं मानी और कठिन मेहनत करते हुए अपने साथ परिवार के सपनों को भी वैज्ञानिक बनकर पूरा किया। महेंद्र वर्तमान में मैसूर स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) में कॉर्पोरेशन ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं।

देश में किया टॉप
महेंद्र ने बताया कि स्कूली शिक्षा गांव में होने के बाद जेईई परीक्षा से एमएनआईटी जयपुर में बीटेक के लिए प्रवेश मिला। बीटेक के दौरान (ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग) गेट 2021 परीक्षा पास की। जिसमें उसकी ऑल इंडिया 52वीं रैंक थी। उस समय कैंपस प्लेसमेंट से एचपीसीएल में कॉर्पोरेशन ऑफिसर के पद पर चयन हो गया। लेकिन वह इसरो व डीआरडीओ जैसे संस्थानों में बतौर वैज्ञानिक कार्य करना चाहता था। ऐसे में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो की ओर से वैज्ञानिक-इंजीनियर ’एससी’ (मैकेनिकल) 2022 की भर्ती निकली। इसमें उसे गेट स्कोर के बेस पर साक्षात्कार के लिए शार्ट लिस्ट किया गया। जिसके फरवरी 2023 में साक्षात्कार हुए।

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दस दिन पहले निकले परिणाम में 50 प्रतिशत गेट व 50 प्रतिशत साक्षात्कार के नंबरों से उसका चयन इसरो में हुआ। उसे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि उसने इसमें ऑल इंडिया टॉप किया है। महेंद्र ने बताया कि सपनों को पूरा करने के लिए नियमित कठिन मेहनत करने की जरूरत होती है। उसने जॉब मिलने के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रयास करना नहीं छोड़ा। महेंद्र की इस उपलब्धि पर उसके परिजनों के साथ ग्रामीणों ने भी खुशी जाहिर की है।

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