जोधपुर जिला (ग्रामीण) पुलिस के अधीनस्थ मतोड़ा पुलिस थाना नफरी की कमी भुगत रहा है। इस वजह से चोरी, लूट, नकबजनी, मारपीट, अपहरण, नशीले पदार्थ, धोखाधड़ी सहित कई आपराधिक मामलों पर काबू पाने के लिए पुलिस के प्रयास सफल नहीं हो रहे। मतोड़ा सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण थाना क्षेत्र है। जहां ओसियां, बापिणी व लोहावट पंचायत समितियों के कुल 57 गांवों को मिलाकर लंबा-चौड़ा क्षेत्र होने के बावजूद विभागीय उदासीनता के चलते 19 जिम्मेदारों के पद खाली पड़े हैं। मतोड़ा थाना क्षेत्र कुल राजस्व गांव- 57 जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार- 109586 पंचायत समितियां- ओसियां, बापिणी व लोहावट कितने पद स्वीकृत, कितने खाली एएसआई- स्वीकृत- 06 खाली- 06 कांस्टेबल- स्वीकृत- 32 खाली- 13 दर्ज आपराधिक मामले : (जनवरी 2017 से दिसंबर 2017 तक) हत्या का एक वो भी झूठा, हत्या प्रयास के 3 सभी के चालान, बलात्कार के 4 दो झूठे व 2 का चालान, अपहरण के 6 सभी प्रकरण झूठे पाए गए, चोरी नकबजनी के 7 पांच में चालान, कर्मचारी पर हमला 2 एक में चालान, धोखाधड़ी के 5 चार झूठे एक चालान, दुघर्टना के 12 बारह की मौत, एससी एसटी एक्ट के 6 चार झूठे व 2 का चालान, दहेज प्रताडऩा के 4 सभी में चालान, दहेज हत्या १ चालान, महिलाओं से संबंधित 27 प्रकरण 13 एफआर व 14 में चालान, कोर्ट से 17 प्रकरण 14 झूठे व 3 में चालान, आम्र्स एक्ट के 4, आबकारी के 12, विस्फोटक पदार्थ में 9, एनडीपीएस एक्ट के 7 प्रकरण दर्ज हुए। कुल 162 प्रकरण दर्ज हुए, जिसमें से 120 में चालान व 40 झूठे पाए गए। जुर्म की रोकथाम में 107 के 182 प्रकरण इस्तगासा, शांतिभंग के 57 इस्तगासे में 96 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर पाबंद किया। वाहन चेकिं ग में 675 वाहनों के चालान कर 59600 रुपए वसूले। शराब पीकर वाहन चलाने के 29 तथा 122 में 6 के खिलाफ कार्रवाई की। (स्रोत : कार्यालय पुलिस थाना मतोड़ा, मुख्य आरक्षी चुतरसिंह राजपुरोहित)
इनका कहना है
भवन व स्टाफ की कमी से परेशानी रहती है। भवन का कार्य तो शुरू कर दिया है, लेकिन नफरी कम होने से वर्कलोड अधिक रहता है।
दीपसिंह, थानाधिकारी, पुलिस थाना मतोड़ा।