
विकास चौधरी
पंजाब व राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में ड्रग्स अपनी जड़ें जमा चुकी है। अब मारवाड़ भी ‘उड़ता मारवाड़’ का रूप लेने लगा है। युवा और खास तौर पर स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट इस दलदल में धंस रहे हैं। जोधपुर में ड्रग्स बेचने के पांच सौ से अधिक पेडलर व ठिकाने बन चुके हैं। रोजाना पांच किलो से अधिक एमडी ड्रग्स व स्मैक की खपत हो रही है। यही वजह है कि एमडी ड्रग्स बनाने की लैब स्थापित होने लगी। इस पर काबू पाने के लिए एनसीबी ने अब ड्रग्स तस्करों की सम्पत्तियां जब्त करने की तैयारी की है।
नशे के सौदागरों के लिए युवा वर्ग सबसे सॉफ्ट टारगेट है। शहर के बाहरी क्षेत्रों के स्कूल व कॉलेजों के आसपास नशे के ठिकाने पनपने लगे हैं। शुरुआत में नि:शुल्क पुडि़या देकर युवाओं को नशे का आदी बनाया जाता है। फिर उससे ड्रग्स के बदले रुपए वसूले जाते हैं। शहर के साथ गांवों तक एमडी ड्रग्स ने जड़ें जमा ली हैं। जोधपुर व फलोदी में प्रतिदिन अनुमानित पांच किलो से अधिक मेफेड्रोन एमडी ड्रग्स की खपत होती है। पेडलर छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचते हैं। ये पेडलर ड्रग्स के बड़े सौदागरों के सम्पर्क में हैं, जो बल्क में ड्रग्स भेजते हैं।
पुलिस का मानना है कि हाड़तोड़ मेहनत करने वाले मजदूर भी एमडी ड्रग्स लेने लगे हैं। ड्रग्स पेडलर थकान उतारने का बहाना बताकर मजदूरों को इसमें धकेल रहे हैं।
देवनगर थाना पुलिस ने एक माह पहले कार में तीन युवकों को गिरफ्तार कर 142 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की थी। गिरफ्त में आए तीन युवकों ने बबलू बिश्नोई से एमडी ड्रग्स लाने की जानकारी दी थी। जांच में यह आरोप गलत पाए गए थे। तीनों युवकों ने गुड़ा बिश्नोइयान गांव के एक युवक से ड्रग्स खरीदी थी। यह युवक संचौर निवासी अपने साले मनोज बिश्नोई से ड्रग्स लाया था। पुलिस का मानना है कि गुजरात से सांचौर होकर ड्रग्स की सप्लाई की जा रही है।
देवनगर थाना पुलिस ने 9 अप्रेल की मध्यरात्रि चौहाबो में निजी स्कूल के पास नाकाबंदी में कार से रामदीन बिश्नोई, ललित उर्फ मनीष सोलंकी व चंदन गुर्जर को गिरफ्तार कर 15 लाख रुपए की 142 ग्राम एमडी ड्रग्स व 44,830 रुपए जब्त किए थे। रामदीन ने वाट्सऐप पर एक ग्रुप बना रखा था। नशे के आदी युवक उसमें मैसेज करते थे। फिर रामदीन व अन्य कार से जाकर सप्लाई करते थे।
एमडी ड्रग्स व अन्य मादक पदार्थ की तस्करी रोकने के लिए अब आर्थिक प्रहार किया जाएगा। तस्करों की प्रॉपर्टी एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ के तहत जब्त होगी। एफआईआर दर्ज होने से छह साल पहले की अर्जित सम्पत्ति को ड्रग्स तस्करी से प्राप्त आय से खरीदना माना जाएगा।
-घनश्याम सोनी, क्षेत्रीय उप निदेशक, नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो, जोधपुर
Updated on:
02 May 2024 10:57 am
Published on:
02 May 2024 10:42 am
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