
जोधपुर . मथुरादास माथुर अस्पताल के सेंट्रल लैब में खराब प्रिंटर की जगह तीन नए प्रिंटर लगाकर काम शुरू किया गया है। सोमवार को सेंट्रल लैब में लगे दो प्रिंटर खराब हो गए थे। इसके बाद कर्मचारियों ने मरीजों की जांच रिपोर्ट बनाना बंद कर दिया था। लेकिन सोमवार रात परिजनों ने विरोध किया तो उन्हें हाथ से सादे पेपर पर लिखी हुई जांच रिपोर्ट दी गई।
राजस्थान पत्रिका ने ‘3 दिन में अटकी सैकड़ों जांचें’ खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने सेंट्रल लैब में तीन प्रिंटर की व्यवस्था करवाई। अधीक्षक डॉ. एमके आसेरी ने बताया कि अब वार्डों में भी जांच रिपोर्ट समय पर जा रही है।
यह था मामला
मथुरादास माथुर अस्पताल में जिम्मेदारों की लापरवाही से पिछले तीन दिन से 100 से भी अधिक जांचें अटकी पड़ी है। इसकी वजह है रक्त जांच करने वाली मशीन और दो प्रिंटर का एक साथ खराब होना। सोमवार रात नौ बजे वार्डों में भर्ती मरीज के परिजन जब जांच रिपोर्ट लेने गए। पहले उनको रिपोर्ट सुबह तक देने को कहा। लेकिन जब परिजनों ने इसका विरोध जताया तो आनन फानन में परिजनों को कर्मचारियों ने कंप्यूटर से देख सादे पेपर पर रिपोर्ट बनाकर देनी पड़ी। इससे पहले कर्मचारी तीन घंटे तक रिपोर्ट का इंतजार करते रहे। परिजन पूरण सिंह भाटी ने बताया कि सुबह हुई जांच की रिपोर्ट लेने के लिए पहले उनको आठ बजे बुलाया। आठ बजे पहुंचे तो कहा नौ बजे आना। इसके बाद कहा कि रिपोर्ट अपने आप वार्ड में आ जाएगी। इससे पहले भी कई परिजन कतार में खड़े नजर आए।