जोधपुर।
वेतन विसंगति को दूर करने की मांग को लेकर जोधपुर सेन्ट्रल जेल में मैस के बहिष्कार (भूखे पेट ड्यूटी निवर्हन) करने वाले तीन प्रहरियों की शनिवार को तबीयत खराब हो गईं। जिन्हें महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जेल कार्मिकों को जेल के बाहर धरना चौथे दिन जारी रहा। (Mess boycott)
सूत्रों के अनुसार जेल प्रहरी व पुलिस कांस्टेबल के वेतन में असमानता है। इस विसंगति को दूर करने की मांग को लेकर जेल के प्रहरियों ने 13 से 20 जून तक बांह पर काली पट्टी बांधकर कार्य कर विरोध जताया था। 21 जून से जेल कार्मिक मैस का बहिष्कार कर रहे हैं। चार दिन से मैस का बहिष्कार चल रहा है। इस दौरान जेल प्रहरी भूखे पेट यानि बगैर खाना खाए ड्यूटी का निर्वहन कर रहे हैं।
इसी वजह से प्रहरी रेंवताराम, समन्द्र और शोभा चौधरी की तबीयत खराब हो गईं। जेल डिस्पेंसरी में उपचार के बाद तीनों को 108 एम्बुलेंस से महात्मा गांधी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया।
बगैर खाना खाए ड्यूटी का निर्वहन
मैस बहिष्कार के चलते जेल में प्रहरियों के लिए चार दिन से खाना नहीं बन रहा है। यही वजह है कि जेल कार्मिक बगैर खाना खाए भरी गर्मी में बंदी व कैदियों की सुरक्षा का जिम्मा संभाले हुए हैं। इतना ही नहीं, जेल कार्मिक जेल के बाहर धरना भी दे रहे हैं।
जेल प्रहरियों ने निकाला कैंडल मार्च
मांगों के निस्तारण की मांग को लेकर जेल प्रहरियों ने देर शाम जोधपुर जेल से कैंण्डल मार्च निकाला। करीब 120 जेल प्रहरी हाथ में कैण्डल व मांगों का बैनर लिए सोजती गेट स्थित गणेश मंदिर पहुंचे। वहां से फिर जेल लौटे।