
MICRO IRRIGATION-- सूक्ष्म सिंचाई से मिलेगी गिरते भूजल समस्या से निजात
जोधपुर।
प्रदेश में गिरते भूजल स्तर की समस्या से खेती प्रभावित न हो, इसलिए सरकार सूक्ष्म सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसके लिए सूक्ष्म सिंचाई अनुदान में बढ़ोतरी की गई है, ताकि प्रदेश व क्षेत्र के किसान सूक्ष्म सिंचाई की दिशा में कार्य करें। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत प्रदेश सरकार ने राज्य की ओर से अतिरिक्त टॉपअप अनुदान बढ़ाकर किसानों को 70 से 75 प्रतिशत अनुदान देने के लिए अधिसूचना जारी की है। इससे पूर्व लघु व सीमान्त किसानों को ड्रिप व मिनी स्प्रिंकलर के लिए 70 प्रतिशत व स्प्रिंकलर के लिए 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाता था। अन्य सभी किसानों को ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर व स्प्रिंकलर के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता था।
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महिला व एससी-एसटी किसानों को भी अतिरिक्त अनुदान
सरकार की ओर से 2 फ रवरी को जारी नई गाइडलाइन के अनुसार सीमांत किसानों की तरह महिला व अनुसूचित जाति, जनजाति के किसानों को भी अतिरिक्त अनुदान देने का निर्णय किया गया है। नई गाइडलाइन के अनुसार अब लघु व सीमांत किसानों के साथ महिला व अनुसूचित जाति, जनजाति के किसानों को ड्रिप सिंचाई, फ ंव्वारा व मिनी फंव्वारा में 75 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। वहीं अन्य सभी किसानों को इसके लिए 70 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसमें लघु व सीमान्त किसानों के लिए 33 प्रतिशत व अन्य किसानों के लिए 27 प्रतिशत अनुदान केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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ड्रिप स्पिंकलर सिंचाई के विस्तार की जरुरत
भारतीय किसान संघ के प्रदेश मंत्री तुलछाराम सिंवर के अनुसार प्रदेश में कई ब्लॉक डार्क जोन श्रेणी में आ गए है जिससे सिंचाई पर संकट मंडराने लगा है। ऐसे में ड्रिप स्प्रिंकलर सिंचाई के विस्तार की आवश्यकता है।
तुलछाराम सिंवर, प्रदेश मंत्री
भारतीय किसान संघ
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अनुदान के पर्याप्त लक्ष्य निर्धारित हो
सरकार सूक्ष्म सिंचाई में अनुदान के पर्याप्त लक्ष्य निर्धारित करें और ड्रिप सिंचाई की यूनिट लागत वास्तविक लागत के अनुसार तय करें, जिससे किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान का लाभ मिल सकेगा।
नरेश व्यास, संभाग अध्यक्ष
भारतीय किसान संघ
Published on:
18 Feb 2022 11:54 pm
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