
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शुक्रवार को जोधपुर एयरपोर्ट पर निर्माणाधीन नई टर्मिनल बिल्डिंग का अवलोकन किया। शेखावत ने निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष जताया और कहा कि एयरपोर्ट विस्तार को लेकर जोधपुरवासियों का तीन दशक का सपना पूरा होने जा रहा है। दिवाली पर नए टर्मिनल की सौगात जोधपुरवासियों को मिलेगी। जोधपुर देश के सभी बड़े शहरों से कनेक्ट होगा।
निर्माणाधीन नई टर्मिनल बिल्डिंग में मीडिया से बातचीत में शेखावत ने कहा कि जोधपुर मरुस्थल का गेट-वे है, उस दृष्टिकोण से भी जोधपुर एयरपोर्ट के विस्तार की कई साल से प्रतीक्षा थी। जोधपुर एयरपोर्ट के विस्तार में दो तरह की बाधाएं थीं। एक एयरपोर्ट पर भूमि की कमी थी, क्योंकि इसका अधिकांश भाग इंडियन एयरफोर्स के पास है। दूसरा जोधपुर एयरपोर्ट पर ऑटोमैटिक लैंडिंग की फैसिलिटी नहीं थी। इसके कारण नाइट लैंडिंग नहीं हो पाती। 10 साल के लगातार प्रयासों के बाद ये बाधाएं दूर हुई हैं।
शेखावत ने कहा कि आने वाले समय में जब कभी आवश्यकता होगी, एक महीने के शॉर्ट नोटिस पर जोधपुर एयरपोर्ट को डोमेस्टिक से इंटरनेशनल में कन्वर्ट किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट विस्तार का लाभ जोधपुर के हैंडीक्रॉफ्ट, स्टील, टैक्सटाइल, केमिकल, स्टोन, इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज आदि मिलेगा। उन्होंने कहा कि जोधपुर न केवल सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस टर्मिनल के निर्माण से क्षेत्रीय विकास को नया आयाम मिलेगा और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। अवलोकन के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र कुमार पालीवाल, हवाई अड्डा सलाहकार समिति के सदस्य उपेन्द्र दवे, नरेन्द्र कच्छवाहा, प्रकाश जीरावाला, अशेक माथुर, जगत सिंह राठौड़, किशोर सिंह सोलंकी, एयरपोर्ट डायरेक्टर मनोज कुमार उनियाल, प्रोजेक्ट इंचार्ज राजीव गुप्ता, जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी, नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ सहित अनेक पदाधिकारी जनप्रतिनिधि साथ रहे।
पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को याद करते हुए शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर जब मैं पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर के पास इस विषय को लेकर के गया था, तब उन्होंने तत्काल समस्या का समाधान कराया। उनके प्रयासों से राज्य सरकार, नगर निगम, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और एयरफोर्स के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर हुए।
एयरपोर्ट के लिए आवश्यक 37 एकड़ जमीन मिली। पुराने एयरपोर्ट पर स्थानाभाव में लंबे समय एयरक्राफ्ट को रनवे पर खड़े रहना पड़ता है। उन्होंने इस दर्द को समझते हुए लैंड एक्सचेंज की टेक्निकल फॉर्मेलिटी से पहले ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया अपना काम शुरू करने की अनुमति दिलाई।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जोधपुर एयरपोर्ट पर 480 करोड़ रुपए का निर्माण हो रहा है। मल्टीलेवल पार्किंग, जो अभी उत्तर भारत में केवल मुंबई और दिल्ली में है, यहां भी बन रही है। अभी जोधपुर एयरपोर्ट में मात्र 200 पैसेंजर की क्षमता है, जो अब 2000 पैसेंजर की होने वाली है।
एयरपोर्ट की बिल्डिंग अभी 3900 स्क्वायर मीटर की है, जो छह गुना बढ़कर 24 हजार स्क्वायर मीटर होने जा रही है। इंजीनियर्स के मुताबिक नई बिल्डिंग में 20 साल के लिए प्रोविजन किया गया, लेकिन जिस तरह से देश में विस्तार हो रहा है और अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, मुझे विश्वास है कि 10 साल तक यह बिल्डिंग आवश्यकताओं को पूरा करेगी।
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पैसेंजर्स के सामान के लिए कन्वेयर बेल्ट की संख्या एक से बढ़ाकर तीन की गई।
नए बिल्डिंग में छह एरो ब्रिज की सुविधा, पैसेंजर सीधा जहाज में जा सकेंगे।
आने और जाने के लिए एस्केलेटर और लिफ्ट की सुविधा।
पहले चरण में 300 कारों की पार्किंग, अभी 60 ही खड़ी हो सकती हैं।
12 एयरक्राफ्ट एकसाथ खड़े हो सकेंगे।
पुराने टर्मिनल को भी हज यात्रा या ऐसे अन्य विशेष अवसरों पर उपयोग में लिया जा सकेगा।
नाइट लैंडिंग सिस्टम लगाया जा रहा है, जिससे अब रात में भी विमान उतर सकेंगे।
ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण अनुकूल डिजाइन पर विशेष ध्यान।
Updated on:
18 Apr 2025 05:14 pm
Published on:
18 Apr 2025 02:30 pm
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