जोधपुर।
केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) में चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती की मेडिकल जांच के दौरान पांच अभ्यर्थियों के वजन में हेराफेरी करने का मामला सामने आने के बाद सीबीआइ ने एक साल तक प्रारम्भिक जांच की थी। पांच में से चार अभ्यथियों का दुबारा वजन करवाए जाने पर 4 से 11 किलो वजन घटा दिया गया था।
सीबीआइ में दर्ज एफआइआर के अनुसार आइटीबीपी को सीएपीएफ में चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती के लिए एक नोडल फोर्स के रूप में नियुक्त किया गया था। 2 मार्च से 16 मार्च 2022 तक जोधपुर स्थित सीसुब के फ्रंटियर मुख्यालय पर 561 अभ्यर्थियों की परीक्षा ली गई थी। मेडिकल जांच में पांच अभ्यर्थी अधिक वजन के चलते अनफिट पाए गए थे। तीन दिन बाद इनमें से इन अभ्यर्थियों को आरएमई ने फिट घोषित कर दिया था।
गौरतलब है कि सीबीआइ ने सीसुब कोलकाता के सीएमओ डॉ एसके झा, सीसुब जोधपुर में सीएमओ डॉ मिनिल हजारिका व स्पेशल ग्रेड सीसुब जालंधर पंजाब के डॉ बनी सैकिया चेटिया, झुुंझुनूं निवासी विक्रमसिंह देवथिया, दौसा निवासी गगन शर्मा, अलवर निवासी करणसिंह कोली, भरतपुर निवासी गुरजीतसिंह जूनेजा, चित्तौड़गढ़ निवासी मुकुल व्यास व अन्य के खिलाफ एफआइआर कर जांच शुरू की है।
सीसुब के डीजी ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का अनुरोध
पांच अभ्यर्थियों के वजन में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद आइटीबीपी के डीजी ने 14 मार्च 2022 को पत्र लिखकर इंक्वायरी गठित करने की सलाह दी। सीसुब के डीजी व आइजी फ्रंटियर मुख्यालय ने भी इस पर सहमति जताई थी और 17 मार्च 2022 को पत्र लिख कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आग्रह किया गया था।
पांच अभ्यर्थियों के वजन में गड़बड़ी पर नजर
अभ्यर्थी का नाम———-पीएसटी तिथि—-वजन—————आरएमई तिथि——वजन———-अंतर
विक्रमसिंह देवथिया——4 मार्च 2022——71.84 किलो——-7 मार्च 2022———-67 किलो—–4.84 किलो
गगन शर्मा—————-4 मार्च 2022——80.34 किलो——-7 मार्च 2022———-69 किलो—–11.84 किलो
करन शर्मा—————-5 मार्च 2022——72.68 किलो——–8 मार्च 2022———-66 किलो—–6.68 किलो
गुरजीतसिंह जुनेजा——5 मार्च 2022——70.88 किलो——–8 मार्च 2022———-66 किलो—–4.68 किलो
मुकुल व्यास————-5 मार्च 2022——-91.28 किलो——–8 मार्च 2022———-81 किलो—–10.28 किलो