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जेल से छूटते ही दस दिन में कर डाले ये काली करतूतें, राह चलते लोगों को यूं बनाया निशाना

चार महीने पहले ही लूट के आरोप में छूटा था जेल से  

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विकास चौधरी/जोधपुर. राह चलते लोगों से मोबाइल लूटकर मोटरसाइकिल पर फरार होने वाली गैंग के दो शातिर बदमाशों को बासनी थाना पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया। मोबाइल लूट के एक अन्य मामले में जब्त मोटरसाइकिल दस दिन पहले ही कोर्ट से छूटी थी। इसके बाद आरोपियों ने पिछले दस दिन में दर्जनों मोबाइल लूटना कबूल किया है।

थानाधिकारी मदनलाल बेनीवाल ने बताया कि 21 मई की रात बासनी में ईएसआइ अस्पताल के पास मोटरसाइकिल सवार दो राह चलते शिवराज कुम्हार का मोबाइल लूटकर भाग निकले थे। इस संबंध में लूट का मामला दर्ज होने के बाद हुलिए व मोटरसाइकिल की पहचान के आधार पर पुलिस ने तलाश शुरू की। एएसआई जगदीश सिंह, कांस्टेबल नरसिंह राम व महेन्द्र ने तलाश के बाद मूलत: सूरसागर में इन्द्रोका हाल चानणा भाखर शिव कॉलोनी निवासी रविन्द्र सिंह (20) पुत्र अर्जुन सिंह व मूलत: बाड़मेर में सिणधरी थानान्तर्गत खारी डेर हाल शिव कॉलोनी निवासी राणु उर्फ राणा उर्फ रणवीर (21) पुत्र रामू मिसारी को हिरासत में लिया।

पूछताछ में वारदात स्वीकारने पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों से शिवराज कुम्हार का मोबाइल व वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की गई है। प्रारम्भिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने पिछले दस दिन में शहर में कई जगह से दर्जनों मोबाइल लूटे हैं। आरोपियों ने श्रमिक कॉलोनी, बासनी द्वितीय फेज, पशु आहार, सांगरिया फांटा, ईएसआइ अस्पताल के पास व कमला नेहरू नगर में प्रमुख वारदातें की हैं।

चार माह पहले गिरफ्तार होने से आया पकड़ में

आरोपी रविन्द्र को मोबाइल लूट के एक अन्य मामले में बासनी थाना पुलिस ने 18 जनवरी को गिरफ्तार किया था। वह दस दिन जेल में रहा था। वारदात में प्रयुक्त उसकी मोटरसाइकिल गत 14 मई को ही कोर्ट ने छोडऩे के आदेश दिए थे। बाइक हाथ आते ही उसने रणवीर के साथ मिलकर फिर वारदातें करना शुरू कर दिया। गत 21 मई को वारदात के दौरान कुछ दूर खड़े पुलिस ने उसका चेहरा देख लिया था। वह ट्रक की ओट लेकर भाग निकला था। चूंकि वह पहले गिरफ्त में आ चुका है। ऐसे में कांस्टेबल नरसिंहराम ने उसे पहचान लिया था। उसकी तलाश कर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।