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गणित में कम अंक आने पर रिपोर्ट कार्ड में खुद हस्ताक्षर करने वाली मूमल अब आईएएस

upsc result news - जोधपुर की मूमल की आईएएस में 173वी रैंक- पांचवे प्रयास में मिली सफलता, कहा-जीवन भर विद्यार्थी बनी रहूंगी

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गणित में कम अंक आने पर रिपोर्ट कार्ड में खुद हस्ताक्षर करने वाली मूमल अब आईएएस

गणित में कम अंक आने पर रिपोर्ट कार्ड में खुद हस्ताक्षर करने वाली मूमल अब आईएएस

जोधपुर. संघ लोक सेवा आयोग ने मंगलवार को सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया। जोधपुर निवासी मूमल राजपुरोहित ने परीक्षा में 173वी रैंक प्राप्त की। उन्हें आईएएस मिलने की संभावना है। मूमल का यह पांचवा प्रयास था। उन्होंने दिल्ली में रहकर तैयारी की। तीन बार मुख्य परीक्षा देने के बाद इस साल पहली बार साक्षात्कार के लिए चयन हुआ था। मूमल का कहना है कि वह जीवन भर एक विद्यार्थी बना रहना चाहती है। उन्होंने अपनी सफलता मारवाड़ की उन लड़कियों को समर्पित की, जिनको उच्च शिक्षा और आगे बढऩे के लिए आसानी से अवसर नहीं मिलते हैं।

स्कूली शिक्षा जोधपुर व कॉलेज की दिल्ली से
मूलत: पाली के आउवा गांव निवासी मूमल के पिता जब्बरसिंह राजपुरोहित भारतीय वन सेवा के अधिकारी है। माता रेखा गृहिणी है। वर्तमान में वे जमशेदपुर में पदस्थापित है। जमशेदपुर से टेलिफोन लाइन पर मूमल ने बताया कि उसकी दसवीं तक की पढ़ाई राजमाता स्कूल और आगे की डीपीएस स्कूल में हुई। इसके बाद दिल्ली में इंद्रप्रस्थ कॉलेज से स्नातक और जवाहरलाल नेहरु विवि से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में स्नातकोत्तर किया। इतिहास के झरोखे में झांकती हुई मूमल बताती है कि उसे शुरु में गणित से काफी डर लगता था और हमेशा अंक कम आते थे। एक बार तो रिपोर्ट कार्ड में पिता के हस्ताक्षर खुद ने ही कर दिए, जबकि वह पढऩे में अव्वल थी। मूमल ने पिता को बात बताने के बाद वह इस डर से ऊबर पाई और बाद में गणित पसंदीदा विषय बन गया। ११वीं में विज्ञान, गणित व अर्थशास्त्र विषय था।

केवल एक बार कोचिंग, फिर सेल्फ स्टडी
ओडिसी नृत्य व योगा की शौकिन मूमल ने 2015 से दिल्ली में आईएएस की तैयारी शुरू की थी और केवल एक साल कोचिंग की। वह कहती है कि कोचिंग एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है और आखिर में खुद के प्रयास ही रंग लाते हैं।

आरएएस मुख्य परीक्षा में नहीं हुआ चयन
मूमल ने पिछले साल जून में आरएएस मुख्य परीक्षा भी दी थी, जिसका परिणाम पिछले महीने आया था। मूमल का कहना है कि आरएएस बगैर पढ़े ही दिया था। यह उसका गोल नहीं था इसलिए सलेक्शन नहीं हो पाया।