
most wanted kailash manju
जिले का हार्डकोर अपराधी व पूर्व सरपंच कैलाश मांजू। राजपासा में निरुद्ध करने के लिए जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस गत एक-डेढ़ साल से उसकी तलाश में हाथ-पांव मार रही है। डॉ सुनील चाण्डक व ट्रैवल्स मालिक के मकान पर फायरिंग मामले में भी उसकी भूमिका संदिग्ध आ रही है। पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी धरपकड़ में गठित हैं।
दुर्गाष्टमी का हवन भी किया
उसी कैलाश मांजू ने पुलिस स्टेशन चौपासनी हाउसिंग बोर्ड से महज दो किमी दूर मानसरोवर कॉलोनी स्थित मकान में न सिर्फ नवरात्रा किए, बल्कि मंगलवार को दुर्गाष्टमी का हवन भी किया। पुलिस की विडम्बना ही है कि उसे भनक तक नहीं लगी।
डेढ़ साल से तलाश
मूलत: बालेसर थानान्तर्गत भाटेलाई पुरोहितान गांव हाल मानसरोवर कॉलोनी निवासी पूर्व सरपंच कैलाश मांजू जिले का हार्डकोर व चौहाबो थाने का हिस्ट्रीशीटर है। राजपासा में निरुद्ध करने के लिए जोधपुर शहर व ग्रामीण पुलिस पिछले डेढ़ साल से उसकी तलाश में है। जबकि वो खुलेआम न सिर्फ शहर में घूम रहा है, बल्कि घर में चैन की नींद ले रहा है।
मानसरोवर कॉलोनी स्थित मकान में
राजस्थान पत्रिका ने कुछ स्रोतों की मदद से उससे सम्पर्क करने की कोशिश की। तब यह तथ्य सामने आया कि वो मानसरोवर कॉलोनी स्थित मकान में ही है। बतौर साक्ष्य उसके कुछ फोटो भी राजस्थान पत्रिका को मिले हैं। जिनमें वो परिवार के साथ मकान में दुर्गाष्टमी की पूजा करता हुआ नजर आ रहा है।
पुलिस के हाथ हर बार निराशा
- गत वर्ष पुलिस ने भारी लवाजमे के साथ कैलाश मांजू के मकान में दबिश दी थी। उसके मकान में होने की पुख्ता सूचना थी, लेकिन वो हाथ नहीं आया। मकान से निकल कर वह पास ही पेड़ पर जा बैठा था और पुलिस आस-पास तलाश कर रही थी।
- गत वर्ष वह पावटा बी रोड पर शादी समारोह में शिरकत करने गया था। सादे वस्त्रों में पुलिस भी वहां पहुंच गई। उसे घेरे में भी ले लिया, लेकिन वो समारोह से बाहर निकला और कार में बैठकर भाग निकला। पुलिस ने नाकाबंदी करवाई व पीछे भी लग गई, लेकिन वो शहर के बीच से होकर पुलिस की नजरों से ओझल हो गया था।
Published on:
05 Apr 2017 09:00 am
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