
एम्स जोधपुर में आयोजित बैठक में मौजूद सदस्य। फोटो- पत्रिका
जोधपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर की सर्वोच्च नियामक संस्था संस्थान निकाय (आईबी) की बैठक मंगलवार को एम्स परिसर में हुई। बैठक में डॉक्टरों से लेकर सुरक्षा गार्ड तक की भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर विवाद छाया रहा। आईबी सदस्य एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सुरक्षा गार्ड सहित अन्य पदों पर प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से की जा रही भर्तियों में भ्रष्टाचार का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने इसे एम्स की मूल भावना के विपरीत बताते हुए व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार की मांग की।
सांसद बेनीवाल ने कहा कि नए साल पर एम्स में सुरक्षा गार्ड का ठेका बदला गया है। नई एजेंसी पुराने सुरक्षा गार्डों को बनाए रखने के नाम पर उनसे वसूली कर रही है। इस पर एम्स प्रशासन ने तर्क दिया कि यह संबंधित कंपनी की आंतरिक नीति है और वसूली गई राशि से गार्डों को यूनिफॉर्म, आईडी कार्ड सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सांसद बेनीवाल ने इस तर्क को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि कर्मचारियों से पैसे लेकर नौकरी देना खुलेआम शोषण है।
उन्होंने अन्य भर्तियों में भी एजेंसियों के जरिए दलालों की सक्रियता का आरोप लगाया और एम्स प्रशासन को सीधी भर्ती प्रक्रिया अपनाने का सुझाव दिया। इस पर एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. जी.डी. पुरी ने कहा कि इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका ने 24 दिसंबर के अंक में 'एम्स जोधपुर में सुरक्षा ठेका बदलते ही वसूली का आरोप, हर गार्ड से 12 हजार कैश लेने पर बवाल' शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। एम्स में वर्तमान में करीब 650 सुरक्षा गार्ड कार्यरत हैं। ऐसे में कंपनी द्वारा लगभग 80 लाख रुपए की वसूली का आरोप लगाया गया है।
बैठक में सांसद बेनीवाल ने वर्ष 2019 के गजट को छह साल बाद लागू करने के बावजूद डीन और सब-डीन की नियुक्तियों में पुराने पैटर्न को जारी रखने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वरिष्ठता, आरक्षण और सरकारी मापदंडों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के बाद सांसद बेनीवाल ने एम्स की आपातकालीन इकाई का निरीक्षण भी किया।
आईबी बैठक की अध्यक्षता एम्स के चेयरमैन डॉ. तेजस मधुसूदन पटेल ने की। बैठक में सांसद बेनीवाल के अलावा पाली सांसद पीपी चौधरी, राज्यसभा सदस्य राजेंद्र गहलोत सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। आईबी बैठक के बाद गवर्निंग बॉडी (जीबी) की बैठक भी आयोजित की गई। हालांकि सांसद बेनीवाल गवर्निंग बॉडी के सदस्य नहीं हैं, लेकिन उनके सुझावों को महत्व देते हुए डॉ. पटेल ने उन्हें जीबी बैठक में भी शामिल होने के लिए आमंत्रित किया, जहां वे उपस्थित रहे।
Updated on:
06 Jan 2026 09:35 pm
Published on:
06 Jan 2026 09:24 pm
बड़ी खबरें
View Allजोधपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
