scriptMRI test - Government made MRI test free but no one to do it | MRI test - सरकार ने की एमआरआई जांच फ्री, लेकिन करने वाले कोई नहीं, पढ़े पूरी खबर... | Patrika News

MRI test - सरकार ने की एमआरआई जांच फ्री, लेकिन करने वाले कोई नहीं, पढ़े पूरी खबर...


MRI test - मैन पॉवर के अभाव में खुद की एमआरआइ 9 घंटे भी नहीं
- पीपीडी मोड़ पर चला रहे 24 घंटे
- ड्राइ रन में इस खामी को सुधारने की दरकार

जोधपुर

Updated: April 07, 2022 04:21:32 pm

MRI test - राज्य सरकार की ओर से अब सीटी स्कैन (कंप्यूटराइज्ड टोमोग्राफी स्कैन) व एमआरआइ (मेग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग ) जैसे महंगे व रोग निदान की सुगम जांचें भी फ्री कर दी गई हैं। इस ड्राइ रन में सबसे बड़ी खामी ये है कि संभाग के सबसे बड़े अस्पताल मथुरादास माथुर में एमआरआइ पीपीपी मोड़ पर संचालित है, जो चौबीस घंटे सेवाएं देती है। जबकि राज्य सरकार की खुद की एमआरआइ एमजीएच में स्थापित है, जो सामान्यत: केवल रोज नौ घंटे ही संचालित हो रही है। इसका समय भी सुबह सुबह 8 से 5 बजे तक है। हालांकि एमजीएच प्रशासन दावा करता है कि इमरजेंसी में 24 घंटे सुविधा देते हैं,लेकिन धरातल पर इसकी सच्चाई अलग ही है। उल्लेखनीय हैं कि ये मशीन जोधपुर में 13 अप्रेल 20़15 को लाई गई थी।
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मैन पॉवर सबसे बड़ी कमी
एमजीएच में सीटी स्कैन सुविधा चौबीस घंटे है, लेकिन एमआरआइ 24 घंटे चलाने के लिए मैन पॉवर बहुत बड़ी कमी है। औसत यहां हर रोज 25 के आस-पास एमआरआई होती है। एक्सपर्ट कहते हैं कि एमआरआइ संचालन के लिए पूर्ण स्टाफ की जरूरत रहती है, इसे हर किसी के हाथ में नहीं छोड़ा जा सकता। इसमें गार्ड, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, क्वालिफाइड रेडियोग्राफर सहित कई एक्सपर्ट डॉक्टर्स भी चाहिए होते हैं, जो फिलहाल नहीं है।
एमएनजेवाइ में भी स्टाफ की दरकार
मुख्यमंत्री नि:शुल्क जांच योजना में भी लंबे समय से लैब टेक्निशियन स्टाफ की मांग रहे हैं। इस कारण हर रोज पैथोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री व माइक्रोबायोलॉजी जैसे विभाग की जांचों में लेटलतीफी होती है। लैब टेक्निशियन संघ के प्रदेश सलाहकार व कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के जिलाध्यक्ष प्रभूसिंह चौहान ने कहा कि सरकार लगातार चिकित्सा सुविधाओं में विस्तार कर रही है, लेकिन उस अनुरूप स्टाफ नहीं भर रही। एमडीएम, एमजीएच में चिकित्सा क्षेत्र में बहुत विकास हुए है, बैड बढ़े हैं, लेकिन नए पद नहीं बढ़ाए गए। इन समेत क्रमोन्नत अस्पतालों में भी नए पदों की जरूरत है। मैन पॉवर व मशीनरी के अभाव में मरीजों को समय पर रिपोर्ट नहीं मिल पाती।
ये हालात है लैब टेक्निशियन में

लैब टेक्निशियन
पद- रिक्त
210-54

सीनियर लैब टेक्निशियन
पद-रिक्त
97-50

तकनीकी सहायक
पद-रिक्त
59- 21

सीनियर तकनीकी सहायक
पद- रिक्त
38-सभी खाली

इनका कहना हैं.....
इमरजेंसी में तो एमआरआइ 24 घंटे चलाते है। वैसे रूटिन में नहीं होती। ऐसा बिलकुल नहीं है कि इमरजेंसी मरीज को इधर-उधर भटकना पड़ता हो।
- डॉ. राजश्री बेहरा, अधीक्षक, एमजीएच।

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