
दो मरीजों को फेफड़ों की झिल्ली में पानी भरने से निजात
कमला नेहरू चेस्ट हॉस्पिटल में मुख्यमंत्री चिरंजीवी बीमा योजना में नि:शुल्क ऑपरेशन
जोधपुर. कमला नेहरू चेस्ट हॉस्पिटल में मेडिकल थोरेकोस्कोपी से फेफड़ों की झिल्ली से बायोप्सी लेकर ऑपरेशन करके दो लोगों को फेफड़ों में पानी भरने की समस्या से निजात दिलाई। ऑपरेशन मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना में पूरी तरह नि:शुल्क किया गया।
जोधपुर के डाबरी निवासी भोमाराम और बाड़मेर निवासी उमाराम फेफड़ों में बार-बार पानी भरने की समस्या से काफी परेशान थे। उन्होंने कमला नेहरू चेस्ट हॉस्पिटल में परामर्श लिया तो उसे उसकी समस्या के बारे में समझाकार डॉक्टरों ने मेडिकल थोरेकोस्कोपी से फेफड़ों की झिल्ली से बायोप्सी लेकर जांच कर सही निदान किया, दोनों मरीजों को फेफड़ों में पानी भरने की समस्या से राहत मिली
अब तक 278 जांचे
कमला नेहरू चेस्ट हॉस्पिटल में मेडिकल थोरेकोस्कोपी की सुविधा 2013 से उपलब्ध है। अभी तक कुल 278 जांचे की जा चुकी है।
31 प्रतिशत मरीजों में ट्यूबरकुलर
डॉ. सी. आर. चौधरी के मार्गदर्शन में कमला नेहरू चेस्ट हॉस्पिटल के 32 मरीजों में मेडिकल थोरेकोस्कोपी से हुई स्टडी के मुताबिक अनडायग्नोस्ट प्लूरल फ्लूयड में 68 प्रतिशत मरीजों में नॉन ट्यूबरकुलर प्लुरल फ्ल्यूड (फेफड़ों की झिल्ली में पानी), 31 प्रतिशत मरीजों में ट्यूबरकुलर (फेफड़ों की झिल्ली में पानी) पाया गया। यह शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुका है।
ऑपरेशन टीम
डॉ. सी.आर. चौधरी, डॉ. दिनेश, डॉ.,निश्चय, डॉ. समीक्षा, डॉ. सिकंदरा व डॉ. पूरन। ओटी स्टाफ नरेश रूनवाल व सुनील मीना।
बीमारियों की सही पहचान जरूरी
फेफड़ों में पानी भर जाने, फेफड़ों की झिल्ली में टीबी, कैंसर आदि बीमारियों की सही पहचान जरूरी है। मेडिकल थोरेकोस्कोपी से पर्याप्त सैम्पल लेकर इन सभी बीमारियों का 90 से 100 प्रतिशत तक सही निदान किया जा सकता है। पहले प्लुरल फ्लूयड (फेफड़ों की झिल्ली में पानी) साइटोलोजी एवं ब्लाइंड बायोप्सी से केवल 60 फीसदी तक ही सही निदान हो पाता था।
- डॉ. सी.आर. चौधरी, अधीक्षक, कमला नेहरू चेस्ट हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. सी. आर. चौधरी
Published on:
02 Aug 2023 10:37 pm
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