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अच्छी बारिश से मारवाड़ में दिखी मरु खुम्भी

थार मरुस्थल के रेतीले धोरों पर मरु खुम्भी का पाया जाना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। लेकिन इस बार मानसून की अच्छी बारिश के कारण मार्केट में भी बिकने आ रही है।

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Harshwardhan Singh Bhati

Sep 04, 2016

Mushroom seen in desert of thar

Mushroom seen in desert of thar

थार मरुस्थल के रेतीले धोरों पर मरु खुम्भी का पाया जाना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। लेकिन इस बार मानसून की अच्छी बारिश के कारण मार्केट में भी बिकने आ रही है। मरु खुम्भी जिसे मशरूम कहते हैं, यह अधिक वर्षा वाले व कम तापमान वाले क्षेत्रों में होती है, लेकिन इस बार संभाग में भी इसका उत्पादन हुआ है।

30 दिन ही दिखती है मरु खुम्भी

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान में कार्यरत सह-आचार्य (मशरूम विशेषज्ञ) डॉ. प्रवीण गहलोत ने बताया कि रेतीले धोरों पर पाई जाने वाले मरुस्थलीय मशरूम फैलोरिनिया को ही स्थानीय भाषा में मरु खुम्भी कहा जाता है।

जब बारिश अधिक होती है, तब यह मशरूम सिर्फ पश्चिमी राजस्थान की नदियों व उनके बहाव क्षेत्र में 30 दिन ही दिखाई देती है, लेकिन इस बार अच्छी बारिश से इसका उत्पादन ज्यादा होने की संभावना है। इसका उत्पादन जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर व बीकानेर क्षेत्रों में होता है।

प्रयोगशाला में नहीं मिली है सफलता

गहलोत ने बताया कि मरु खुम्भी को प्रयोगशाला में कृत्रिम माध्यम से उगाने के अभी तक सभी प्रयास विफल रहे हैं। यदि इसे प्रयोगशाला में कृत्रिम माध्यम से उगा लेने का प्रोटोकॉल विकसित कर लिया जाए, तो बटन मशरूम की भांति इसका उपयोग भी वर्ष भर उच्च खाद्य पदार्थ के रूप में किया जा सकेगा।

गुणकारी है मरु खुम्भी

मशरूम विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण गहलोत ने बताया कि मरु खुम्भी में प्रोटीन, विभिन्न प्रकार के एमीनो अम्ल व खनिज तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसमें कॉलेस्ट्रोल व कार्बोहाईड्रेट की मात्रा कम होने के कारण मधुमेह रोगी व हृदय रोगी के लिए यह गुणकारी है।