
meat shops
शहर के बाशिंदों को अब जगह-जगह फैला हुआ कचरा नजर नहीं आएगा। निगम इस बार अलग-अलग कचरे के लिए अलग से ठेका व वार्ड के हिसाब से कचरा उठाने का अलग ठेका देने जा रहा है। अब जहां लोगों को मांस की दुकानों के आसपास इसके अपशिष्ट की बदबू से परेशान नहीं होना पड़ेगा। निगम ने इस तरह का कचरा उठाने के लिए अलग से टेंडर कर दिया है। अब रेस्टोरेंट, सब्जियों की बड़ी दुकानों व जूस की दुकानों आदि क्षेत्र से कचरा उठाने का ठेका अलग-अलग देने की योजना बना रहा है।
नगर निगम की इस पहल से आय के साथ व्यवस्था भी बनी
निगम सीमा क्षेत्र में मांस और मछली, मुर्गा आदि विक्रय स्थलों से कचरे से दुर्गंध की समस्या लम्बे समय से परेशानी बनी हुई थी। यह कचरा ठोस कचरे में सम्मिलित होकर केरू डंपिंग स्टेशन पहुंचता था। अब निगम ने यह कचरा उठाने के लिए अलग टेंडर निकाल कर एक व्यक्ति को इस कचरे के निस्तारण का २ वर्ष के लिए ठेका दे दिया है। निगम का यह पहला प्रयास है जिसमें विशेष कचरा उठाने के लिए अलग से किसी व्यक्ति को ठेका दिया गया। एेसे में संबंधित व्यक्ति को तो रोजगार मिला ही, निगम की आय में भी वृद्धि हुई है।
समस्या दूर हो गई
निगम को इस व्यवस्था से सालाना १ लाख ६७ हजार की आय होगी। ठेकाकर्मी को प्रत्येक मीट शॉप से हर महीने कचरा संग्रहण के २५० रुपए वसूल करने होंगे। इस प्रक्रिया से मीट शॉप वालों की भी कचरा निस्तारण की समस्या दूर हो गई। बहरहाल निगम ने पहले बड़ी कम्पनी को डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का ठेका दे रखा था, जिससे कम्पनी फे ल होने से कचरा संग्रहण की व्यवस्था एक साथ फेल हो गई।निगम का यह पहला प्रयास है जिसमें विशेष कचरा उठाने के लिए अलग से किसी व्यक्ति को ठेका दिया गया। एेसे में संबंधित व्यक्ति को तो रोजगार मिला ही, निगम की आय में भी वृद्धि हुई है।
Published on:
25 Oct 2017 03:39 pm
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