निगम को इस व्यवस्था से सालाना १ लाख ६७ हजार की आय होगी। ठेकाकर्मी को प्रत्येक मीट शॉप से हर महीने कचरा संग्रहण के २५० रुपए वसूल करने होंगे। इस प्रक्रिया से मीट शॉप वालों की भी कचरा निस्तारण की समस्या दूर हो गई। बहरहाल निगम ने पहले बड़ी कम्पनी को डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का ठेका दे रखा था, जिससे कम्पनी फे ल होने से कचरा संग्रहण की व्यवस्था एक साथ फेल हो गई।निगम का यह पहला प्रयास है जिसमें विशेष कचरा उठाने के लिए अलग से किसी व्यक्ति को ठेका दिया गया। एेसे में संबंधित व्यक्ति को तो रोजगार मिला ही, निगम की आय में भी वृद्धि हुई है।