
जोधपुर. डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन् राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के परिसर में आयुर्वेद और होम्योपैथी कॉलेज के बाद मंगलवार से प्राकृतिक चिकित्सा एवं योगा का कॉलेज भी शुरू हो गया। राज्यपाल एवं कुलाधिपति कलराज मिश्र ने दीक्षांत समारोह के दौरान यूनिवर्सिटी काॅलेज ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस के नए भवन का उद्घाटन किया। यहां बैचलर इन नेचुरोपैथी एण्ड योगिक साइंस (बीएनवाईएस) डिग्री प्रदान की जाएगी। इसमें एक साल के इंटर्नशिप सहित साढ़े पांच साल की पढ़ाई होगी। राज्य सरकार ने यहां वर्ष 2021 में 30 विद्यार्थियों के बैच के बीएनवाईएस पाठ्यक्रम को मंजूरी थी। वर्तमान में यहां तीन बैच संचालित है। कुल मिलाकर 72 छात्र छात्राएं वर्तमान में अध्ययनरत है।
नेचुरोपैथी एण्ड योगिक साइंस कॉलेज में कुल मिलाकर 34 कमरें हैं। यहां चार व्याख्यान कक्ष, 13 विभाग, 10 प्रयोगशाला, पुस्तकालय, संग्रहालय, सेमिनार हॉल, योग हॉल, षट् क्रिया कक्ष, प्राचार्य कक्ष सहित अन्य भवन है। यहां माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री, पैथोलॉजी, जल चिकित्सा, मृतिका चिकित्सा, एक्यूपंक्चर, एक्यूप्रेशर, एनोटोमी, रोग एवं विकृति विज्ञान, मैग्नेट थैरेपी, रंग थैरेपी, चुंबकीय चिकित्सा, उपवास चिकित्सा, योग चिकित्सा की पढ़ाई होगी। इन सबकी प्रयोगशाला भी है। पास में हॉस्पीटल है जहां छात्र छात्राएं एक साल की इंटर्नशिप करेंगे।
नेचुरोपैथी एण्ड योगिक साइंस के नए भवन से लोगाें को वर्तमान जीवन शैली से संबंधित बीमारियों के इलाज में भी फायदा होगा
डॉ चंद्रभान शर्माा, प्राचार्य, यूनिवर्सिटी काॅलेज ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस
Updated on:
16 Jul 2024 08:38 pm
Published on:
16 Jul 2024 08:38 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
