
New course of chartered accountant
देश में ग्लोबल सीए तैयार करने के लिए दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की ओर से बनाया गया प्रस्ताव फिलहाल पार्लियामेंट में अटक गया है। सीए के नये सिलेबस को दो महीने बाद भी पार्लियामेंट की ओर से स्वीकृति नहीं देने से हाल ही में सीपीटी पास कर सीए में प्रवेश लेने वाले छात्र छात्राओं को अब पुराने सिलेबस से ही पढ़ाई करनी पड़ेगी।
देश में चार्टर्ड एकाउंटेंट के नियामक संस्थान आईसीएआई का पार्लियामेंट एक्ट से गठन हुआ है। इसलिए आईसीएआई को नियमों में बदलाव के लिए पार्लियामेंट से स्वीकृति लेनी पड़ती है। आईसीएआई ने बरसों बाद सीए प्रवेश परीक्षा और सीए कोर्स में बड़ा बदलाव कर पार्लियामेंट को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन विभिन्न कारणों से पार्लियामेंट ने अब तक इसे हरी झंडी नहीं दी।
यह किया है बदलाव
- सीपीटी परीक्षा पास करने के आठ महीने बाद सीए कोर्स की पहली परीक्षा आईपीसीसी (इंटर) देने होती है। अभी आईपीसीसी में सात प्रश्न पत्र होते हैं। नये सिलेबस में ग्रुप सैकेण्ड में फाइनेंशियल मैनेजमेंट एंड बिजनेस इकोनॉमिक्स एनवायरमेंट का 100 अंक का नया प्रश्न पत्र जोड़ा गया है।
- आईपीसीसी के ढाई साल बाद होने वाली सीए फाइनल में आठ प्रश्न पत्र होते हैं। नये सिलेबस में ग्रुप सैकण्ड के चौथे पेपर में 50 अंक का फाइनेंशियल सर्विसेज एंड कैपिटल मार्केट का प्रश्न पत्र जोड़ा जाएगा, ताकि छात्र छात्राओं को शेयर मार्केट का ज्ञान हो सके।
-सीए कोर्स की प्रवेश परीक्षा कॉमन प्रोफिशिएंटी टेस्ट (सीपीटी) में दो प्रश्न पत्र से बढ़ा कर चार प्रश्न पत्र किए गए हैं। सीपीटी में पहली बार सब्जेक्टिव पेपर डाला गया है।
- जून-दिसम्बर में होने वाली सीपीटी के मई-नवम्बर में आयोजित करने का प्रस्ताव है।
प्रोसेस में है
सीए कोर्स का नया सिलेबस प्रोसेस में है। पार्लियामेंट की स्वीकृति का इंतजार है। नये बदलाव अब अगले साल से ही लागू हो पाएंगे। नया सिलेबस साल 2017 से लागू होने की उम्मीद है। -प्रकाश शर्मा, सदस्य, केंद्रीय परिषद, आईसीएआई
Published on:
03 Aug 2016 12:30 pm
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