
शास्त्रीय संगीत का नया साज 'कमल वीणा जोधपुर में हो रही तैयार
- भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनियां में जुड़ेंगे नए आयाम, सैन्यकर्मी शशिकांत कमल दे रहे मूर्त रूप
जोधपुर. संगीत के साथ-साथ देश सेवा से जुड़े जोधपुर के शास्त्रीय संगीतकार मोहनवीणा वादक शशिकांत कमल शास्त्रीय संगीत से जुड़े नए वाद्य यंत्र कमल वीणा को मूर्त रूप देने में जुटे हैं। यह नया साज मोहन वीणा और रबाब से काफी मिलता जुलता होगा। नए साज में चमड़े की कारीगरी होगी। कमल वीणा के तारों की मधुरता भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनियां में एक नया आयाम स्थापित करेगी। बनारस घराने के सुप्रसिद्ध सितार वादक पं सतीश चन्द्र से संगीत की शिक्षा प्राप्त करने वाले शशिकांत कमल वायुसेना जोधपुर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
नए साज में यह होगी खासियत
- आवाज में और मधुरता आएगी
- साज में सितार,सरोद, वीणा, रबाब और चर्मपत्र का होगा उपयोग
- संगीत की दुनियां में एक नया वाद्य यंत्र जुड़ जाएगा
- म्यूजिक थेरेपी लेने वालों पर पड़ेगा सकारात्मक असर
तीन वाद्ययंत्रो से बनी मोहनवीणा
सितार, सरोद, वीणा के त्रिवेणी से बना अदभुत रूहानी वाद्ययंत्र मोहणवीणा में 20 से 22 तारों का संगम है। इस वाद्ययंत्र को जोधपुर के ही निवासी पंडित-बृजभूषण काबरा ने हवायन गिटार को भारतीय शास्त्रीय संगीत में बजाकर पूरे विश्व में एक अलग पहचान बनाई। पं.विश्व मोहन भट्ट ने कई अभिनव प्रयोग और तार जोड़कर इसे एक मुकम्मल वाद्ययंत्र का स्वरूप दिया। जिसके फलस्वरूप उन्हे ग्रेमी अवार्ड, पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। पं.विश्व मोहन भट्ट ने कई अभिनव प्रयोग और तार जोड़कर इसे एक मुकम्मल वाद्ययंत्र का स्वरूप दिया। जिसके फलस्वरूप उन्हे ग्रेमी अवार्ड, पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।
Published on:
04 Dec 2021 01:29 pm
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