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इनके जज्बे को सलाम, हर परिस्थिति में पाठकों तक अखबार पहुंचाकर ही लेते हैं दम

सर्दी, गर्मी, बारिश या हो आंधी तूफान, शहर में लगा हो कफ्र्यू या फैली हो कोई भी आपदा, लेकिन समाज में एक तबका ऐसा भी है जो हर हाल में आप तक अखबार पहुंचाता है और आपको अपडेट रखता है हर सही खबर से। आप और हम जब आधी नींद में होते हैं, उस समय ये लोग जागकर हमारे तक समाचार पहुंचाने के काम में जुट जाते हैं।

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newspaper hawkers are providing services in coronavirus lockdown

इनके जज्बे को सलाम, हर परिस्थिति में पाठकों तक अखबार पहुंचाकर ही लेते हैं दम

जोधपुर. सर्दी, गर्मी, बारिश या हो आंधी तूफान, शहर में लगा हो कफ्र्यू या फैली हो कोई भी आपदा, लेकिन समाज में एक तबका ऐसा भी है जो हर हाल में आप तक अखबार पहुंचाता है और आपको अपडेट रखता है हर सही खबर से। आप और हम जब आधी नींद में होते हैं, उस समय ये लोग जागकर हमारे तक समाचार पहुंचाने के काम में जुट जाते हैं। इस जज्बे के साथ कि परिस्थतियां चाहे कैसी भी हो, पाठकों तक अखबार पहुंचाकर ही दम लेना है। इन दिनों कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच भी समाचार पत्र वितरक योद्धा की तरह कार्य कर रहे हैं।

आइए आपको रू-ब-रू करवाते हैं आप तक रोजाना अखबार पहुंचाने वाले इन वॉरियर्स से-

प्रेमा राम
झालामंड निवासी 41 वर्षीय प्रेमाराम प्रजापत पिछले पांच सालों से अखबार बांट रहे हैं। वे कहते हैं कि पाठकों तक समय पर समाचार पत्र पहुंचाना ही उनकी प्राथमिकता रहा है। मौसम और हालात चाहे कैसे भी हों, उन्होंने कभी पाठकों तक अखबार पहुंचाने में चूक नहीं की।

किशनसिंह
भगत कोठी के 66 वर्षीय किशनसिंह कई बरसों से अखबार वितरक हैं। वे प्रतिदिन सुबह 3 बजे उठकर समाचार पत्र लेने सेंटर पर जाते हैं। फिर लग जाते हैं पाठकों तक अखबार पहुंचाने में। कोरोना के खतरे के बावजूद किशनसिंह शि²त से समय पर ग्राहकों तक अखबार पहुंचा रहे हैं। कहते हैं ये हमारा धर्म है और वे ईमानदारी से इसे निभाने की कोशिश में लगे हैं।

शेरसिंह
सुभाष कॉलोनी निवासी शेरसिंह पिछले 7 वर्षों से न्यूजपेपर बांट रहे हैं। शेरसिंह ने बताया कि इन दिनों कोरोना के चलते कई लोग समाचार पत्र को लेकर भी अफवाह फैला रहे हैं, लेकिन उनके लिए पाठकहित सर्वोपरी है। इसलिए कोरोना खतरे को दरकिनार कर प्रतिदिन समाचार पत्र वितरित करते हुए लोगों को समझा भी रहे हैं कि अखबार से कोरोना नहीं फैलता।

ललित सैन
भट्टी की बावड़ी चौपासनी क्षेत्र के रहने वले ललित सैन प्रतिदिन सुबह 3 बजे उठकर पाठकों तक अखबार पहुंचाने के लिए निकल पड़ते हैं। वे कहते हैं इन दिनों कोरोना के खतरे में हमारी असली परीक्षा है। जिसमें पाठकों तक सुरक्षित अखबार पहुंचाना ही पहला लक्ष्य है।

पदमसिंह
शहर के वरिष्ठ समाचार पत्र वितरकों में एक पदमसिंह कहते हैं कि कोरोना के प्रकोप के बीच माहौल बनाकर समाचार पत्र को लेकर भी भ्रम फैलाया जा रहा है। जबकि समाचार पत्र पूरी तरह से सुरक्षित है। वर्तमान में हम खुद सेंटर पर समाचार पत्र लेने से लेकर पाठकों तक पहुंचाने में मास्क, सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं।

मिश्रीलाल
पिछले 35 वर्षों से समाचार पत्र बांटने का कार्य कर रहे मिश्रीलाल कहते हैं कि लॉकडाउन में हमारी जिम्मेदारियां और भी ज्यादा बढ़ गई है। हमारा फर्ज है कि हम समय पर अखबार पहुचाएं जिससे देश व दुनिया की खबरों से शहरवासी वाकिफ हो सकें। संक्रमण के खतरे के बावजूद पाठकों तक समाचार पत्र पहुंचाना ही सच्ची सेवा है।