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बीएलओ नहीं, बूथ पर चक्कर काट रहे वोटिंग लिस्ट में नाम जुड़ाने वाले

- राष्ट्रीय महत्व का अभियान, लोग जागरुक, प्रशासन उदासीन - शहर विधानसभा के 176 में से 40 बूथ खाली, 21 बूथ पर बीएलओ की नियुक्ति नहीं, 19 ने जॉइन नहीं किया - वोटरलिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए 2 दिन शेष

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No BLOs, names added to Voting List who are circling on booth

बीएलओ नहीं, बूथ पर चक्कर काट रहे वोटिंग लिस्ट में नाम जुड़ाने वाले

जोधपुर.
एक तरफ जिला प्रशासन मतादाता सूची में नाम जुड़वाने और संशोधन के लिए लोगों को जागरुक करने का अभियान चला रहा है, दूसरी तरफ शहर विधानसभा में ही कई बूथ पर बीएलओ नहीं हैं। लोग वोटरलिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए पोलिंग बूथ और निर्वाचन विभाग के चक्कर काट रहे हैं। जबकि वोटरलिस्ट मे संशोधन और नाम जुड़वाने के लिए महज 2 दिन बचे हैं। 31 अगस्त के बाद मतदाता में सूची नए नाम जोडऩे और संशोधन का काम नहीं हो पाएगा।

लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और संशोधन के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से संपर्क करना होता है। शहर विधानसभा में 176 बूथ हैं। इनमें से 21 पर बीएलओ नियुक्त ही नहीं हुए और 19 बीएलओ ने जॉइन नहीं किया। विभाग के जानकारों के अनुसार बूथ संख्य 8, 11, 19, 35, 41, 48, 59, 61, 64, 69, 70, 74, 78, 88, 101, 118, 124, 151, 152, 167 व 176 पर बीएलओ नियुक्त नहीं हैं। इनके अलावा 19 बूथ ऐसे हैं जहां नियुक्त बीएलओ ने डूयटी जॉइन नहीं की।

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और संशोधन के लिए जिला प्रशासन ने शहर में 12 व 19 अगस्त को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में शिविर लगाए थे। इस दौरान कई बूथ पर बीएलओ नहीं आए और लोगों को निराश होकर वापस जाना पड़ा। अधिकारियों की उदासीनत के कारण जनवरी से अब तक मतदाता सूची में संशोधन व नाम जुड़वाने के लिए महज 7 हजार आवेदन आए हैं। इनमें से1 हजार की जांच कर ली गई हैं।

1780 मतदाता बिना बूथ के
शहर विधानसभा क्षेत्र में कुल 1 लाख, 95 हजार, 808 मतदाता हैं। इनमें से 1780 मतदाता ऐसे हैं जिनके नाम वोटरलिस्ट में हैं, लेकिन उनको बूथ जारी नहीं हुए हैं। लोग अपने बूथ का पता लगाने के लिए निर्वाचन विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक अपने बूथ का पता नहीं लग पाया। ऐसे मतदाता चुनाव में मतदान से वंचित रह जाते हैं।

अपडेट नहीं है वेबसाइट

मुख्य निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर बीएलओ की सूची उपलब्ध नहीं है। वेबसाइट पर एसएमएस आधारित हेल्पलाइन नंबर भी दिए गए हैं। लेकिन इस नंबर बीएलओ की जानकारी लेने पर पूर्व के बीएलओ के नबंर मिलते हैं।