
न शिकन न पछतावा: चार हत्याएं कर थाने में खाना खाया, आराम से सोया,न शिकन न पछतावा: चार हत्याएं कर थाने में खाना खाया, आराम से सोया
जोधपुर।
ओसियां थानान्तर्गत रामनगर में जमीन विवाद व भाई की हत्या की आशंका के चलते चाचा का परिवार उजाड़ने के आरोपी भतीजे रामनगर निवासी पप्पूराम बेरड़ को वारदात का शिकन व पछतावा तक नहीं है। संदेह के आधार पर हिरासत में लेने के बाद पूछताछ में उसने वारदात स्वीकार कर ली थी। गिरफ्तारी के बाद ओसियां थाने में पुलिस ने उससे अलग-अलग पूछताछ की। यहां तक कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क्राइम) दिनेश एमएन ने लम्बी पूछताछ की थी। इस दौरान उसके चेहरे पर चाचा-चाची, भाभी व भतीजी की हत्या करने का जरा सा भी पछतावा नजर नहीं आया। थाने में पुलिस ने खाना मंगाया तो आरोपी ने भर पेट खाना खाया और पंखे के नीचे चैन की नींद भी ली। (Four murder in Cherai Osian)
15 मिनट में कर दी थी चारों की हत्या
चचेरे भाई हरजीराम उर्फ हरीश व चाचा पूनाराम से बदला लेने के लिए पप्पूराम के सिर पर भूत सवार था। उसने बुधवार सुबह चार बजे सिर्फ 15 मिनट में चाचा पूनाराम, चाची भंवरीदेवी, भाभी धापूदेवी की कुल्हाड़ी के चार वार से हत्या कर दी थी। उसने आगजनी का रूप देने के लिए घर में बने बिस्तरों पर तीनों शव अलग-अलग रखे और घसीटकर झोंपड़े में बनी रसोई में लाया था। केरोसीन छिड़ककर उसने तीनों शव को आग लगा दी थी। फिर पीछे छह माह की भतीजी मनीषा बची तो उसे भी जीवित जलती आग में फेंक दिया था। झोंपड़ी को बंद कर वह घर लौट आया था। उसने सिर्फ 15 मिनट में पूरी वारदात कर दी थी।
भाई की मौत की फोटो दिखाकर उकसा रहा था चचेरा भाई
आरोपी पप्पूराम के भाई तेजाराम ने आठ माह पहले गुजरात के सूरत में आत्महत्या कर ली थी। वह रस्सी के फंदे पर लटका मिला था। उसके दोनों हाथ भी रस्सी से ऊपर की तरफ बंधे थे। चचेरे भाई हरजीराम के रिश्तेदार सूरत में रहते हैं। वह तेजाराम के फंदे पर लटकने की फोटो दिखाकर पप्पूराम व घरवालों को उकसा रहा था कि उसी ने तेजाराम की हत्या करवाई है।
चालीस घंटे बाद अंतिम संस्कार पर बनीं सहमति
वारदातस्थल पर ही चारों मृतकों के शवों का मेडिकल बोर्ड से बुधवार अपराह्न पोस्टमार्टम करवा लिया गया था, लेकिन परिजन व ग्रामीण मृतक आश्रित को एक करोड़ रुपए, दो आश्रित को सरकारी नौकरी, आरोपी के खेत को गोचर भूमि घोषित करने व अन्य मांग पर अड़ गए थे। विधायक दिव्या मदेरणा, नारायण बेनीवाल, पुखराज गर्ग व इन्दिरा बावरी और पूर्व विधायक भैराराम सियोल भी धरने में शामिल हुए। जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता, एसपी धर्मेन्द्रसिंह यादव की मौजूदगी में प्रतिनिधि मण्डल ने गुरुवार शाम वार्ता की। जिसमें अधिकतम मुआवजे के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजने, दो आश्रितकों को संविदा पर नौकरी, परिवार को सुरक्षा देने की मांग पर सहमति बनीं। तब परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए।
Published on:
21 Jul 2023 12:46 am
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