
एम्स में ही चिकित्सक से चल रहा था नर्सिंग छात्रा का इलाज
जोधपुर.
एम्स के छात्रावास में पंखे पर चुन्नी से फंदा लगाकर जान देने वाली तृतीय वर्षीय नर्सिंग छात्रा का एम्स में चिकित्सक से इलाज चल रहा था। छात्रावास के कमरे की तलाशी में पुलिस को इलाज से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। उधर, सोमवार रात पंजाब के चण्डीगढ़ से एम्स पहुंचे परिजन बगैर किसी कार्रवाई के शव ले गए। हालांकि पुलिस ने मर्ग दर्ज किया है।
थानाधिकारी रमेश शर्मा के अनुसार मृतका रजनी धनवाल (२२) के मामा दोपहर में ही जोधपुर आ गए। जबकि पिता व अन्य परिजन रात को एम्स पहुंचे। पिता ने मृत्यु पर कोई संदेह व्यक्त नहीं किया। उन्होंने बगैर पोस्टमार्टम कराए शव ले जाने की इच्छा जताई। पुलिस अधिकारियों ने पोस्टमार्टम करवाने को लेकर समझाइश की, लेकिन परिजन नहीं मानें।
एेसे में पुलिस ने परिजन की तरफ से मिली लिखित शिकायत पर मर्ग दर्ज किया और फिर बगैर पोस्टमार्टम करवाए शव परिजन को सौंप दिया।
पुलिस ने मृतका के कमरे की तलाशी ली, जहां से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। हालांकि एम्स में चिकित्सक से इलाज चलने की पर्चियां व दवाइयां जरूर मिली है। इनसे अंदेशा है कि नर्सिंग छात्रा मानसिक तनाव में थी। इसी वजह से उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। पुलिस को कमरे से मृतका का मोबाइल मिला है। जो लॉक है। उसकी जांच में आत्महत्या के कारणों का पता लग पाएगा।
गौरतलब है कि पंजाब में चण्डीगढ़ निवासी रजनी (२२) पुत्री रोहिताश धनवाल रविवार रात छात्रावास में अपने कमरे में पंखे के हुक पर चुन्नी के फंदे से लटकी मिली थी। सहेली के दरवाजा खटखटाने पर अंदर से कोई जवाब नहीं आया तो अंदेशा हुआ। बाद में दरवाता तोड़ा गया तो वह फंदे से लटकी मिली थी। उसकी मृत्यु हो चुकी थी। साथ नर्सिंग करने वाली छात्राओं से पुलिस ने आत्महत्या के कारण के संबंध में बातचीत की तो पता लगा कि उसका किसी युवक से लव अफेयर था। जो पिछले चार-पांच दिन से उससे बातचीत नहीं कर रहा था। इसी वजह से वह मानसिक तनाव में आ गई थी। आशंका है कि इसी के चलते उसने खुद की जान दी है।
Published on:
10 Sept 2018 10:08 pm
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