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एकीकृत शिक्षा प्रणाली के चलते चरमराने लगा है शिक्षा विभाग, यहां कर्मचारी कम, अफसर हैं ज्यादा

मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी के अधीन 22 डीइओ, लेकिन वरिष्ठ लिपिक का पद नहीं  

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अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. प्रदेश के सबसे बड़े महकमे में शुमार शिक्षा विभाग में एकीकृत प्रणाली के बाद कर्मचारियों से ज्यादा अफसरों की फौज हो गई। हालत यह है कि विभाग में काम करने वाले कम और मॉनिटरिंग करने वाले अफसरों की भरमार हो गई है। उपनिदेशक स्तर, जो अब मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय है, वहां वरिष्ठ लिपिक का एक भी पद नहीं है। इन हालात में विभाग के अधिकारियों के लिए काम निबटाना चुनौती साबित हो रहा है। कई जगहों पर पद स्वीकृत होने के बावजूद रिक्तियां हैं।
शिक्षा विभाग के जिला कार्यालयों में शिक्षक ही पदोन्नत होकर अधिकारी के पद पर आते हैं। कार्यालय सहायक के बाद पदोन्नत लिपिक भी राजपत्रित अधिकारी के दर्जे में आते हैं। अफसरों की रैंक में जिला शिक्षा अधिकारी, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, उप जिला जिला शिक्षा अधिकारी शाशि, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी, सहायक प्रशासनिक अधिकारी, सहायक लेखाधिकारी, कनिष्ठ लेखाकार तक शामिल हैं।

डीइओ माशि व प्राशि मुख्यालय में 19 अफसर और 14 लिपिक

कक्षा 1 से 10 और 12वीं तक की स्कूलों का जिले का डीइओ मुख्यालय कार्यालय में डीइओ से लेकर कनिष्ठ लेखाकार तक कुल 10 अफसरों के पद हैं। यहां 5 एलडीसी व 2 यूडीसी लगाए हैं। डीइओ प्रारंभिक जिला मुख्यालय में डीइओ से लेकर कनिष्ठ लेखाकार तक कुल 9 अफसरों के पद हैं। इसके बाद एलडीसी व यूडीसी कुल 7 हैं।

ब्लॉक शिक्षा कार्यालयों में 3 लिपिक और 11 अफसर
एकीकृत शिक्षा प्रणाली के तहत सभी जिले के 17 ब्लॉक कार्यालयों में जिला शिक्षा अधिकारी लगाए गए हैं। जबकि पहले प्रधानाचार्य स्तर के अधिकारी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी थे। यहां दो यूडीसी व 1 एलडीसी की पोस्ट रखी गई हंै। प्रत्येक कार्यालय में जिला शिक्षा अधिकारी, जेईएन और सहायक प्रशासनिक समेत कुल 11 अफसर हैं। दूसरी ओर यूडीसी 2 और एलडीसी का 1 पद हैं।

सीडीइओ में वरिष्ठ लिपिक की पोस्ट तक नहीं
जिले के 22 जिला शिक्षा अधिकारियों के कार्यालय की मॉनिटरिंग करने वाले मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कुल 12 अफसर लगाए गए हैं। इनमें कुल 3 एलडीसी की पोस्ट रखी गई हैं। जबकि एक भी यूडीसी यानी वरिष्ठ लिपिक की पोस्ट नहीं रखी गईं। यहां उपनिदेशक समकक्ष पद से लेकर संदर्भ व्यक्ति तक के पद हैं। उसके बावजूद यहां पद तोड़ दिए गए।

समसा में 15 अधिकारी और 6 कर्मचारी

सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान कार्यालय को मर्ज कर अब समग्र शिक्षा अभियान कर दिया गया है। इस विभाग का कार्य स्कूलों में नवनिर्माण व शिक्षकों ट्रेनिंग इत्यादि करवाना हैं। डीइओ के समक्षक अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, प्रिंसिपल, व्याख्याता, इंजीनियर्स व लेखाकार समेत कई अफसर हैं। यहां दो यूडीसी व 4 एलडीसी हंै।

संयुक्त निदेशक ऑफिस में 17 अधिकारी व महज 8 कर्मचारी
पहले संभाग में प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा कार्यालय में उपनिदेशक सबसे बड़े अधिकारी थे। अब उपनिदेशक कार्यालय को एक कर चीफ डीइओ का नाम दिया गया है। संयुक्त निदेशक को जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर की मॉनिटरिंग दी गई है। इस कार्यालय में संयुक्त निदेशक से लेकर सांख्यिकी अधिकारी समेत कुल 17 अधिकारी हैं। यूडीसी के पांच और कनिष्ठ सहायक के कुल 3 पद रखे गए हैं।

इनका कहना
एलडीसी व यूडीसी की संख्या कम हुई है। उनकी जगह एकेडमिक कर्मचारी लगाए गए हैं। इसके अलावा कंप्यूटर विद मशीन का नया समावेश है, जो अब लगेंगे। मॉनिटरिंग के आदमी ज्यादा हो गए हैं। इन्हें फिल्ड में स्कूलें देखनी हैं। ब्लॉक पर डीइओ लगे हुए है, वहां भी पद गए हैं।

- बंधीधर गुर्जर, संयुक्त निदेशक, जोधपुर मंडल