
जोधपुर. चांदपोल के बाहर स्थित प्राचीन शिवालय रामेश्वर सिद्धपीठ में पिछले 200 साल अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित है। मंदिर में महाशिवरात्रि और पूरे श्रावण मास में भक्तों का तांता लगा रहता है। सिद्धपीठ में मां पार्वती, सूर्यदेव, गणपति व नवग्रह की प्रतिमाएं भी हैं। मुगल सेना ने रामेश्वर मंदिर को दो बार ध्वस्त किया लेकिन गर्भगृह की मूर्तियां चमत्कारिक ढंग से सुरक्षित रही। जोधपुर के इतिहासविदों के अनुसार राव मालदेव के समय सन 1538 में चांदपोल के बाहर मंदिर बनवाया गया था। शेरशाह सूरी ने 1544 में जब जोधपुर पर अ
जोधपुर के रामेश्वर धाम में 200 साल से प्रज्ज्वलित है अखंड ज्योत, ध्वस्त करने के बाद भी सुरक्षित रही मूर्तियां
Published on:
23 Jul 2019 01:12 pm
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