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तीन साल से थैले में बंद इस गांव की को-ऑपरेटिव सोसायटी!

पीलवा को-ऑपरेटिव सोसायटी में अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों की शिकायतों पर शुक्रवार को बैंक अधिकारी ने मौके पर पहुंच कर जांच की।

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On the complaints of villagers, Bank officials examined the co-operative

तीन साल से थैले में बंद इस गांव की को-ऑपरेटिव सोसायटी!

पीलवा (जोधपुर) . पीलवा को-ऑपरेटिव सोसायटी में अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों की शिकायतों पर शुक्रवार को जोधपुर सेण्ट्रल कॉपरेटिव बैंक के अधिकारी भंवरसिंह कुंपावत व सुपरवाइजर माधाराम जांच के लिए पीलवा पहुंचे।

जांच दल के अधिकारी पीलवा ग्राम पंचायत की ओर से सोसायटी को आवंटित भवन राजीव गांधी सेवा केन्द्र पहुंचे। वहां खड़े ग्रामीणों सेे पूछा कि कहां चलती है आपकी पीलवा को-ऑपरेटिव सोसायटी? तो ग्रामीणों ने कहा कि ‘साहब’ नहीं आते व्यवस्थापक। सोसायटी का काम अपने थैले से ही चलाते हैं।

जांच अधिकारी के यह पूछने पर कि ये सोसायटी का रूम कब खुला? ग्रामीणों ने कहा कि तीन साल से ज्यादा समय से बंद है। ग्रामीण व्यवस्थापक को कई सालों से हटाने की मांग कर रहे हैं।

आवंटित रूम में ताला नहीं खोलने के कारण जांच दल ने खिड़की से अंदर झांका तो वहां धूल जमी नजर आई। जांच दल ने उपस्थित ग्रामीणों से व्यवस्थापक के खिलाफ विभिन्न शिकायतों के मामले में बयान कलमबद्ध किए। इस बारे में व्यवस्थापक से कई बार फोन पर सम्पर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

इन्होंने कहा
पीलवा सोसायटी में अनियमिताओं व ऋण आवेदन फार्म के रूपए ज्यादा लेने सहित कई शिकायतें कई महिनों से ग्रामीण उच्च अधिकारियों को कर रहे हैं। जिस पर उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार राजीव गांधी सेवा केन्द्र में आवंटित सहकारी सोसायटी का रूम देखा, जो बन्द पाया गया। व्यवस्थापक से दूरभाष पर बात हुई लेकिन स्वयं नही आया, उसने अपने पास चाबी भी नहीं होना बताया। ग्रामीणों से रूबरू होकर उनकी समस्याएं जानी व कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
-भंवरसिंह कुपावत, सहायक अधिशासी अधिकारी, दी जोधपुर सेण्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक जोधपुर।


ग्राम पंचायत ने पीलवा को-ऑपरेटिव सोसायटी को रूम दे रखा है लेकिन व्यवस्थापक नहीं आते, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। कई अनियमितताओं की शिकायतें ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से की, जिस पर जांच दल पीलवा आया। सभी को कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

-कीर्ति कंवर, सरपंच पीलवा