
पीलवा के स्कूल को अंग्रेजी माध्यम में बदलने का आदेश निरस्त
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए पीलवा स्थित श्री हरिसिंह सीनियर सैकंडरी स्कूल को सत्र 2021-22 में महात्मा गांधी राजकीय स्कूल (अंग्रेजी माध्यम) में परिवर्तित के आदेश को तत्काल प्रभाव निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने हालांकि राज्य के नीतिगत निर्णय को अपास्त नहीं किया है, लेकिन भविष्य के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं।
न्यायाधीश दिनेश मेहता की एकल पीठ में स्कूल डवलपमेंट मैनेजमेंट कमेटी ने हिन्दी माध्यम की स्कूल को यथावत रखे बिना उसे अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित करने के आदेश को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मोती सिंह ने पैरवी करते हुए इसे संविधान व कानूनी प्रावधानों के विपरीत बताया। एकल पीठ ने यह प्रतिपादित किया कि मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा का अधिकार वर्ष 2009 के अधिनियम की धारा 29 (2) (एफ) द्वारा प्रदत्त एक वैधानिक अधिकार है, जिसके अनुसार शिक्षा का माध्यम, जहां तक संभव हो, बच्चे की मातृभाषा में होना आवश्यक है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने खुद मौजूदा हिन्दी माध्यम स्कूल को यथावत रखते हुए अलग अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने का निर्णय लिया है और उन्होंने राज्य के नीतिगत निर्णय को चुनौती भी नहीं दी है, लिहाजा उसेे निरस्त नहीं किया जा सकता।
मैनेजमेंट कमेटी की राय को तरजीह दें: कोर्ट ने कहा कि स्कूल डवलपमेंट मैनेजमेंट कमेटी एक वैधानिक निकाय है, जो 2009 के शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के तहत गठित है। कमेटी के दायित्व तय है। राज्य के प्रशासनिक निर्णय और शिक्षा के माध्यम के रूप में अंग्रेजी लागू करना अधिनियम का उल्लंघन है। एकल पीठ ने कहा कि यदि आगामी सत्र यानी 2022-23 के लिए, राज्य सरकार स्कूलों को महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम में बदलने की इच्छा रखती है या प्रस्तावित करती है तो इसके लिए स्कूल डवलपमेंट मैनेजमेंट कमेटी की बैठक आहूत की जाए। यदि कमेटी बहुमत से यह निर्णय लेती है कि विचाराधीन विद्यालय को अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय में परिवर्तित किया जाए, तभी राज्य उचित निर्णय ले सकता है, अन्यथा स्कूल को अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में परिवर्तित नहीं किया जाए।
Published on:
05 Jan 2022 12:54 am
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