
मालकोसनी में गंदगी का दर्द, मूलभूत सुविधाओं से दूरी
बिलाड़ा (जोधपुर). जिस गांव के निवासी प्रधान, जिला परिषद सदस्य और राजनीति में रसूख रखने वाले नेता रहे हों, उस गांव में समस्याओं का अंबार हो तो क्या कहेंगे? ऐसा है मालकोसनी गांव। जहां न तो गांव की गलियों-चौराहों में सड़क है और ना ही नालियां। जगह-जगह पानी का भराव दर्द दे रहा है। पशुपालक अधिक है, लेकिन पशु चिकित्सक नहीं। ऐेसे में पशुओं का समय पर टीकाकरण नहीं हो रहा।
फसलों को नुकसान, सर्वे नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि गत दिनो हुई बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी। अभी तक राजस्व विभाग की ओर से फसलों का सर्वे नहीं किया गया। गांव में 419 बीमित किसान हैं। अधिकारियों से समाधान की आस रखी तो ऑनलाइन शिकायत की सलाह दी, लेकिन इससे भी कुछ नहीं हुआ।
झोलाछाप की पौ बारह
गांव में एएनएम कार्यरत है। चिकित्सक नहीं होने से झोलाछाप डाक्टर की पौ बारह है। बगैर जांच के ही धड़ल्ले से उपचार किया जा रहा है। जबकि अभी घर-घर लोग बुखार से पीडि़त हैं। उपसरपंच पारसराम ने बताया कि सरकार की ओर से घर घर शौचालय बना दिया लेकिन उनका भुगतान नहीं हो पा रहा है। बिजली की आवाजाही भी परेशानी का कारण बनी हुई है।
इन्होंने कहा
चिकित्साविभाग सप्ताह मे दो दिन शिविर लगाए, जिससे राहत मिल सकती है। झोला छाप धड़ल्ले से उपचार कर रहे हैं। बिना जांच उपचार हो रहा है।
ओमप्रकाश पिचकिया
लाइटो की सबसे बडी समस्या है। जब खेतों से घर आते हैं और खाना खाने लगते हैं कि बिजली गुल। कब आएगी, कोई पता नहीं।
श्रवणराम मुण्डलिया
गत दिनों हुई बारिश से खेतों में फसलो का भारी नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग की ओर से अभी तक सर्वे नहीं हुआ। किसानो की कमर टूट गई है।
सुल्तान खां
स्वच्छता को लेकर केन्द्र व राज्य सरकार ने अभियान चलाया लेकिन गांव मे पानी निकासी का कोई समाधान नहीं है। रात को तो गलियों से निकलना दुर्भर हो गया है।
रूगाराम
गांव मे करीब करीब सभी लोगो के पशु है। आज कई लोग पशुओं के दूध से अपना परिवार का लालन-पालन कर रहे हैं लेकिन चिकित्सक व नर्सिग कर्मचारी की कमी से पशुओं का टीकाकरण व उपचार नहीं मिल रहा।
गोरधनराम चौधरी
फसल खराबे के लिए उपखण्ड अधिकारी को अवगत कराया है। गंदे पानी की निकासी के लिए नालियां बनाएंगे, चिकित्सा व्यवस्था और सड़क आदि की जल्द व्यवस्थाएं करवाएंगे।
पिंकी देवी, सरपंच मालकोसनी
Published on:
17 Oct 2021 10:03 pm

