
जोधपुर/बेलवा. लोड़ता गांव स्थित एक नलकूप पर दो माह पहले पाक विस्थापित परिवार को 11 सदस्यों के सामुहिक आत्महत्या होने के बाद गुरूवार को पुलिस की मौजूदगी में मलूकी देवी अपने पुत्र करन व भाई केवलराम के साथ सामान लेने पहुंची तो मृतकों की तस्वीर देखकर रोते हुए बिलख पड़ी। रोते हुए मलूकी ने अपना दर्द बयां करने के साथ कहा कि कहीं हमें भी इंसाफ के नाम पर मार न दें। फोटो- दिलावरसिंह राठौड़

जोधपुर/बेलवा. लोड़ता गांव स्थित एक नलकूप पर दो माह पहले पाक विस्थापित परिवार को 11 सदस्यों के सामुहिक आत्महत्या होने के बाद गुरूवार को पुलिस की मौजूदगी में मलूकी देवी अपने पुत्र करन व भाई केवलराम के साथ सामान लेने पहुंची तो मृतकों की तस्वीर देखकर रोते हुए बिलख पड़ी। रोते हुए मलूकी ने अपना दर्द बयां करने के साथ कहा कि कहीं हमें भी इंसाफ के नाम पर मार न दें। फोटो- दिलावरसिंह राठौड़

जोधपुर/बेलवा. लोड़ता गांव स्थित एक नलकूप पर दो माह पहले पाक विस्थापित परिवार को 11 सदस्यों के सामुहिक आत्महत्या होने के बाद गुरूवार को पुलिस की मौजूदगी में मलूकी देवी अपने पुत्र करन व भाई केवलराम के साथ सामान लेने पहुंची तो मृतकों की तस्वीर देखकर रोते हुए बिलख पड़ी। रोते हुए मलूकी ने अपना दर्द बयां करने के साथ कहा कि कहीं हमें भी इंसाफ के नाम पर मार न दें। फोटो- दिलावरसिंह राठौड़

जोधपुर/बेलवा. लोड़ता गांव स्थित एक नलकूप पर दो माह पहले पाक विस्थापित परिवार को 11 सदस्यों के सामुहिक आत्महत्या होने के बाद गुरूवार को पुलिस की मौजूदगी में मलूकी देवी अपने पुत्र करन व भाई केवलराम के साथ सामान लेने पहुंची तो मृतकों की तस्वीर देखकर रोते हुए बिलख पड़ी। रोते हुए मलूकी ने अपना दर्द बयां करने के साथ कहा कि कहीं हमें भी इंसाफ के नाम पर मार न दें। फोटो- दिलावरसिंह राठौड़

जोधपुर/बेलवा. लोड़ता गांव स्थित एक नलकूप पर दो माह पहले पाक विस्थापित परिवार को 11 सदस्यों के सामुहिक आत्महत्या होने के बाद गुरूवार को पुलिस की मौजूदगी में मलूकी देवी अपने पुत्र करन व भाई केवलराम के साथ सामान लेने पहुंची तो मृतकों की तस्वीर देखकर रोते हुए बिलख पड़ी। रोते हुए मलूकी ने अपना दर्द बयां करने के साथ कहा कि कहीं हमें भी इंसाफ के नाम पर मार न दें। फोटो- दिलावरसिंह राठौड़