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भारत के इस पड़ोसी देश में हुआ गांधी से बुद्ध तक शांति मार्च अभियान

एकता परिषद भारत, नेपाल राष्ट्रीय भूमि अधिकार मंच, सामुदायिक आत्मनिर्भरता केंद्र के सहयोग से विश्व सामाजिक मंच का गांधी से बुद्ध तक शांति मार्च का आयोजन काठमांडू नेपाल में किया गया।

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भारत के इस पड़ोसी देश में हुआ गांधी से बुद्ध तक शांति मार्च अभियान

नेपाल में आयोजित शांति मार्च अभियान में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते जोधपुर के गौतम के.गट्स।

जोधपुर। एकता परिषद भारत, नेपाल राष्ट्रीय भूमि अधिकार मंच, सामुदायिक आत्मनिर्भरता केंद्र के सहयोग से विश्व सामाजिक मंच का गांधी से बुद्ध तक शांति मार्च का आयोजन काठमांडू नेपाल में किया गया। इसमें स्माइल वर्ल्ड पीस फाउंडेशन के संस्थापक गौतम के.गट्स ने राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया। संस्था सचिव नीरू हजारिका ने बताया कि इसमें नर्मदा आन्दोलन कि मेधा पाटकर के साथ दुनियाभर के 200 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं और साहित्यकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गांधी से बुद्ध शांति अभियान भूमि, आजीविका और आवास से लेकर शांतिपूर्ण व अहिंसक समाज बनाने जैसे विषयों पर सात अलग-अलग कार्यशालाओं और सेमिनार के साथ पांच दिनों तक जारी रहा।

नीरू हजारिका ने बताया कि गांधी से बुद्ध तक शांति मार्च काठमांडू में विश्व सामाजिक मंच के आयोजन में शामिल हुआ। जिसमें लगभग 5000 से अधिक लोग पांच दिनों के लिए एक और दुनिया की कल्पना करने के लिए एकत्र हुए। इसमें सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं साहित्यकारो ने अपने अनुभव साझा किए। शांति मार्च का उद्देश्य अहिंसा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए विख्यात दो ऐतिहासिक शख्सियतों महात्मा गांधी और महात्माबुद्ध की विरासतों को जोड़ना है। मार्च का उद्देश्य नीति निर्माताओं और मीडिया का ध्यान आकर्षित करना है, जिससे स्वदेशी लोगों, दलितों, आदिवासियों और छोटे किसानों की आवाज़ सीधे सुनी जा सके। वहीं महिलाओं ने इस आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाई।