
सौरभ पुरोहित, जोधपुर। सरकार और प्रशासन ने जब-जब समस्या सुलझाने की बजाय अपनी आंख मूंद ली, तब-तब जनता को कमान अपने हाथ में लेनी पड़ी है। जोधपुर के गांव खोखरिया के ग्रामीणों ने प्रशासन को इसी तरह से आईना दिखाकर नजीर पेश की है। इस गांव में 20 साल से बिना सड़क बदहाली के गड्ढों में हिचकोले खाते गुजरती इनकी जिन्दगी अब पटरी पर आई है। इसका बीडा भी लोगों ने खुद उठाया। इसके ग्रामीणों ने 2 लाख रुपए का चंदा जुटाया और सड़क बना दी। ग्रामीणों ने इसक काम से सरकारी नुमाइदों को करारा जवाब दिया है।
गांव के 3500 घरों के करीब 15 हजार लोगों ने चंदा जमा करके गांव में आवागमन के लिए एक किलोमीटर कच्ची सड़क बनवा दी। दरअसल, खोखरिया गांव के लोग करीब 20 वर्षों से सड़क के अभाव में जी रहे थे। बावजूद इसके इनकी समस्या को न तो सरकार ने सुना और सरकार के कारिंदों ने। जब गांव वाले सरकारी स्तर पर शिकायतें करते-करते थक गए तो उन्होंने खुद ही इस समस्या का हल निकालने की ठानी। आखिरकार यहां के लोगों ने चंदा एकत्र कर करीब 2 लाख रुपए जुटाए और अपने दम कर सड़कों की सूरत बदलने का कार्य शुरू कर दिया और अब यहां पर एक किलोमीटर कच्ची सड़क बनकर तैयार हो चुकी है। क्षेत्रवासियों के अनुसार एक किलोमीटर की एक अन्य सड़क का निर्माण कार्य भी जल्द ही शुरू हो जाएगा।
गांव वालों की पहल, सरपंच भी आए आगे
क्षेत्रवासियों ने बताया कि जब गांववालों ने सड़क बनाने की पहल की तो सरपंच प्रतिनिधि गोविंदराम सियाग ने भी गांववालों का साथ दिया और उन्होंने करीब एक लाख रुपए का सहयोग दिया। सियाग ने बताया कि हम सभी सरकार को शिकायत करते-करते थक गए तो अपने स्तर पर ही कच्ची सड़क का निर्माण करवा रहे हैै। पूरे क्षेत्र में सड़क नहीं होने से मानसूनी सीजन में आए दिन गाड़ियां धंसती थी। धंसी हुई गाड़ियों को कभी क्रेन तो कभी जेसीबी से बांधकर निकाला जाता है।
Published on:
29 Jul 2023 12:17 pm

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