
लगता है पुलिस कमिश्नरेट के पुलिसकर्मी फुल वर्दी पहनना भूल गए हैं। पुलिस लाइन मैदान में आम परेड के दौरान पुलिस कमिश्नर राजेन्द्र सिंह अचानक निरीक्षण करने पहुंच गए। अचानक उन्हें देख पुलिसकर्मी घबरा गए। उन्होंने परेड कर रहे प्रत्येक पुलिस अधिकारी व जवान की वर्दी की जांच की।
मिली ऐसी सजा
अधिकांश पुलिसकर्मियों के कंधे पर व्हीसल कोड तो थी, लेकिन जेब में व्हिसल नदारद थी। कई ने खाकी जुराब नहीं पहने थे। फुल वर्दी पहनने में कोताही बरतने पर पुलिस कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी जताई और करीब 24 से अधिक पुलिसकर्मियों को पनिशमेंट ड्रिल पीडी की सजा सुना दी। अब इन पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन मैदान में पर्सनल परेड करनी होगी। दरअसल, पुलिस लाइन मैदान में प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार सुबह 6.30 बजे आम परेड होती है। जिसमें पुलिस लाइन, गार्ड ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मी और प्रत्येक थानों से एक-एक पुलिसकर्मी परेड में शामिल होते हैं। इसमें फुल वर्दी में होना आवश्यक है। पुलिस कमिश्नर राजेन्द्र सिंह ने जब पुलिसकर्मियों की पेंट ऊपर करवाई तो कई ने खाकी जुराब की जगह अलग-अलग रंगों की जुराबें पहने थे। इसे अनुशासनहीनता माना गया। वर्दी में कमी वालों के नाम नोट कर पीडी सजा दी गई।
अब व्हीसल मंगवाने लगे पुलिसकर्मी
पुलिस कमिश्नर राजेन्द्रसिंह के सख्त रवैये के बाद अब पुलिस जवान ही नहीं बल्कि पुलिस अधिकारी भी पूरी तरह सतर्कता बरत रहे हैं। थानों में कई पुलिसकर्मियों ने बाजार से व्हीसल खरीदी है।
अधिकारियों के पास नहीं मिली व्हीसल
पुलिस कमिश्नर जोधपुर का कार्यभार संभालने के बाद राजेन्द्र सिंह ने डीसीपी कार्यालयों का भी निरीक्षण किया था। इस दौरान दो-तीन अधिकारियों की वर्दी में व्हीसल नदारद थी।
लम्बे समय से बंद थी आम परेड
आम परेड पुलिस लाइन में हर सप्ताह दो बार होती है, लेकिन पुलिस कमिश्नरेट में पिछले काफी समय से आम परेड नहीं हो रही थी। अब अब पुलिस कमिश्नर के आदेश पर फिर से आम परेड शुरू करवाई गई है।
परेड फिर से शुरू करवाई है, कमियां मिली हैं...
आम परेड के निरीक्षण में कई खामियां नजर आईं। अगली आम परेड में पुलिसकर्मी सुधार कर पुनरावृत्ति नहीं करेंगे। आम परेड भी काफी समय से बंद थी। जो फिर से शुरू करवाई गई है।
- राजेन्द्रसिंह, पुलिस कमिश्नर, जोधपुर
Published on:
14 Feb 2024 04:51 pm
