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कानून के चार रखवालों ने ही ऐसे कदम रखा जुर्म की दुनिया में

पुलिस कांस्टेबल के तार जुड़े है तस्करों से

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कानून के चार रखवालों ने ही ऐसे कदम रखा जुर्म की दुनिया में

जोधपुर . मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और तस्करों की धरपकड़ के लिए जिम्मेदार पुलिस के ही कुछ कारिन्दे 'अपराधीÓ लगे हैं। लोहावट में बोलेरो कैम्पर से 183 किलो डोडा पोस्त के साथ गिरफ्तार जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट का कांस्टेबल एकमात्र सिपाही नहीं है। जोधपुर जिले में कोटा पुलिस में पदस्थापित रहे तीन और कांस्टेबल वांछित हैं।

पुलिस के चार कांस्टेबल

वर्ष 2015 से फरार है कांस्टेबल रावलराम
भवाद निवासी रावलराम विश्नोई कोटा शहर पुलिस में रहने के बाद कोटा आबकारी में सिपाही था। डांगियावास थाना पुलिस ने वर्ष 2015 में कार से अफीम का 9.8 किलो दूध जब्त किया था। इसमें रावलराम को नामजद किया गया था। तब से फरार है। जांच सीआईडी (सीबी) के पास है। लम्बे समय तक अनुपस्थित रहने पर उसे निलम्बित कर दिया गया था। पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई है।

2988 किलो डोडा पोस्त में वांछित है कांस्टेबल प्रभुराम
फलोदी के पास ढढ्ढू निवासी प्रभुराम विश्नोई कोटा शहर की यातायात पुलिस का सिपाही है। जोधपुर जिले की बाप थाना पुलिस ने 5 अप्रेल को ट्रक से 2988 किलो डोडा पोस्त जब्त कर खलासी को गिरफ्तार किया था। चालक भाग निकला था। उसे ढढ्ढू में कांस्टेबल प्रभुराम के फार्म हाउस से गिरफ्तार किया गया था। प्रभुराम फरार है। दो साल पहले पुलिस हिरासत से फरार होने के बाद कोटा में पकड़ में आए हार्डकोर मांगीलाल व प्रभुराम में गठजोड़ सामने आया था। हार्डकोर की कार प्रभुराम के ठिकाने से जब्त की गई थी।

नामचीन तस्कर पर फायरिंग में वांछित है सुखराम
ढढ्ढू निवासी सुखराम विश्नोई कोटा शहर की यातायात पुलिस में कांस्टेबल है। विवाद के चलते गैंग से अलग होने वाले तस्कर रावलराम विश्नोई पर उसने साथियों के साथ गत वर्ष गोलियां चलाई थीं। उसे पकड़कर पेड़ से बांधकर मारपीट की गई थी। कथित रूप से बड़े लेन-देन के बाद उसे छोड़ा गया था। इस जानलेवा हमले में सुखराम वांछित है।

हार्डकोर को भगाने के आरोप में बर्खास्त पप्पूराम
कोर्ट में पेशी के बाद बीकानेर से जोधपुर जेल लाते समय राइकाबाग रोडवेज बस स्टैण्ड के पास दो साल पहले जिले का हार्डकोर बदमाश मांगीलाल विश्नोई फरार हो गया था। उसे कोटा से पकड़ा गया था। उसे भगाने में चालानी गार्ड पप्पूराम की भूमिका सामने आई थी। इसे गिरफ्तार करने के बाद निलम्बित और फिर बर्खास्त कर दिया गया था।