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Sadhvi Prem Baisa Death Case: 20 मिनट में मौत? साध्वी प्रेम बाईसा मामले में आया नया मोड़, पुलिस ने डॉक्टर्स से फिर ली ये राय

Sadhvi Prem Baisa Death Reason: साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर जांच में नया मोड़ आ गया है। अस्थमा और कार्डियक अरेस्ट को कारण माना गया है, लेकिन इंजेक्शन लगाए जाने के 20 मिनट बाद हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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फाइल फोटो- पत्रिका

Sadhvi Prem Baisa Suspicious Death Case Update: जोधपुर के बोरानाडा थानान्तर्गत पाल गांव के आरती नगर स्थित आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु की वजह सामने आ चुकी है। साध्वी को अस्थमा था और कार्डियक अरेस्ट आया था और उससे मृत्यु हुई थी। उनकी प्राकृतिक मृत्यु ही हुई थी, लेकिन पुलिस को अभी भी कुछ संशय है। इसलिए पुलिस ने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों से दुबारा राय मांगी है कि साध्वी को लगाए डेक्सोना व डायनापार इंजेक्शन शरीर में क्या असर या रिएक्शन कर सकते हैं?

बीपी नॉर्मल थी, इंजेक्शन के 20 मिनट में मौत हुई थी। एसआइटी प्रभारी सहायक पुलिस आयुक्त (पश्चिम) छवि शर्मा ने बताया कि साध्वी प्रेम बाईसा 27 जनवरी को अजमेर में कथा वाचन कर आश्रम लौटी थी। उन्हें 29 जनवरी को एक अन्य कथा वाचन में जाना था, लेकिन 28 जनवरी की सुबह गला खराब हो गया था। जल्द गला ठीक हो जाए इसलिए नर्स देवीसिंह को दो बार कॉल किया था। वो शाम 5.10 बजे आश्रम पहुंचा था। उसने साध्वी की बीपी जांच तो नॉर्मल आई थी। फिर 5.15 बजे साध्वी को इंजेक्शन लगाए थे। 20 मिनट बाद ही साध्वी की मृत्यु हो गई थी। कम्पाउण्डर का कोई गलत उद्देश्य नहीं था, लेकिन इलाज करने में लापरवाही रही। उसे साध्वी को अस्पताल भेजना चाहिए था।

दोनों इंजेक्शन एक साथ लगाए, जो गलत

पुलिस का कहना है कि कम्पाउण्डर ने डेक्सोना व डायनापार इंजेक्शन मिलाकर एक ही सीरींज में डालकर साध्वी को लगाए थे। जो गलत है। इसलिए डॉक्टर्स से यह राय मांगी गई है कि यह इंजेक्शन क्या असर कर सकते हैं। वह खुद ही दोनों इंजेक्शन लेकर आया था। उसने पहले किसी डॉक्टर की पर्ची के आधार पर इंजेक्शन लगाने की जानकारी दी थी, लेकिन फिर उसने दोनों इंजेक्शन खुद ही लेकर आना स्वीकार किया।

कई तरह की आशंकाएं उपजी

पिता बिरमनाथ ने साध्वी की इंस्टाग्राम आइडी पर चार घंटे बाद 'जीते जी नहीं तो जाने के बाद न्याय मिलेगा' संबंधी मैसेज अपलोड करके मृत्यु को संशय में डाल दिया था। पिता बिरमनाथ ने सेवादार भोमाराम को पाल रोड पर निजी अस्पताल बुलाया था।

फिर उससे एक मैसेज ' मैंने हर क्षण सनातन प्रचार के लिए जीया। दुनिया में सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं है। देश के कई संतों को पत्र लिखकर अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया था। संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा है। मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा' बनवाया था। फिर उसे रात नौ बजे साध्वी की इंस्टाग्राम आइडी पर अपलोड कराया था। इस मैसेज से श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त हो गया था और मृत्यु पर तरह-तरह की आशंकाएं जताई जाने लगी थी। हालांकि एफएसएल व पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सभी आशंकाएं निराधार साबित हुईं।