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सीएम के शहर में हाईवे के हैं बुरे हाल, सही करने के बजाए हटा दिए अधिकारी

सीएम का शहर है। हर कोई विकास कार्य और नए प्रोजेक्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। लेकिन कई दिनों से सडक़ों को लेकर प्रशासन की किरकिरी हो रही है। सडक़ों की हालत सुधारने की बजाय पीडब्ल्यूडी विभाग ने अपना एनएच विंग ही कमजोर कर दिया है।

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poor condition of highways in jodhpur

सीएम के शहर में हाईवे के हैं बुरे हाल, सही करने के बजाए हटा दिए अधिकारी

अविनाश केवलिया/जोधपुर. सीएम का शहर है। हर कोई विकास कार्य और नए प्रोजेक्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। लेकिन कई दिनों से सडक़ों को लेकर प्रशासन की किरकिरी हो रही है। सडक़ों की हालत सुधारने की बजाय पीडब्ल्यूडी विभाग ने अपना एनएच विंग ही कमजोर कर दिया है।

जोधपुर संभाग की एनएच विंग का मुख्यालय जोधपुर में है। शहर से निकलने वाले तीन हाईवे एनएच विंग के अधीन हैं। इनकी मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी एनएच की है। बारिश में यह सडक़ें पूरी तरह से टूट चुकी हैं। इन सडक़ों की मरम्मत के लिए न बजट आया है और ना ही इसकी जिम्मेदारी लेने वाले अधिकारी हैं।

जोधपुर से शिफ्ट कर दिया डिवीजन कार्यालय

जोधपुर से डिवीजन कार्यालय यानी एक्सईएन कार्यालय शिफ्ट कर यहां पद ही समाप्त कर दिया गया है। इस पद को करौली जिले में शिफ्ट किया गया है। एनएच विंग मुख्यालय होने के नाते अधीक्षण अभियंता भी यहां बैठते हैं। लेकिन अब इस पद पर क्वालिटी कंट्रोल एसई को ही अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया है। मतलब वह भी पूर्णकालिक एनएच विंग का काम नहीं देखेंगे।

तीनों हाईवे के ऐसे हालात

1. जोधपुर पोकरण 4.5 किलोमीटर पीडब्ल्यूडी एनएच विंग के पास है। शहर में इसका स्टार्ट पॉइंट बोम्बे मोटर सर्किल के पास है। कई स्थानों पर यह सडक़ टूटी हुई है। अधिकांश फोरलेन सडक़ है। लेकिन मरम्मत के लिए बजट स्वीकृत नहीं है।

2. जोधपुर-जयपुर रोड जिसे बनाड़ रोड भी कहते हैं का 3.5 किलोमीटर हिस्सा एनएच विंग के पास है। सारण नगर के समीप यही सडक़ सबसे बदहाल स्थिति में है। मानसून शुरू होने के बाद से यहां से गुजरना भी दुश्वार है। एक ओर सीसी सडक़ का काम चल रहा है। 27 लाख की एक अतिरिक्त स्वीकृति भी दूसरी तरफ के लिए आई है।

3. नागौर-जोधपुर-पाली हाईवे का शहरी क्षेत्र से गुजरने वाला 10.93 किलोमीटर हिस्सा भी एनएच विंग के पास है। सबसे ज्यादा हालत इसी सडक़ की खराब है। मुख्य पाली रोड पर सीवरेज के कारण यातायात रोक दिया गया है। शहरी क्षेत्र में कई स्थानों से यह हाईवे पूरी तरह से टूट चुका है।

इन पदों पर यह स्थिति
- अधीक्षण अभियंता पूर्णकालिक थे जो सीधी मॉनिटरिंग करते थे। अब क्वालिटी कंट्रोल एसई को ही एनएच विंग का अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया है।
- अधिशासी अभियंता इन हाईवे की मरम्मत व रखरखाव के लिए जिम्मेदार होता था। लेकिन यह पद हटाकर अन्य जिले में स्थानांतरित कर दिया। अब यह जिम्मेदारी एसई के टीए को दी गई है।
- सहायक अभियंता एक है, उन्हें बीते दिनों चार्टशीट दी गई।

इनका कहना है...
डिवीजन कार्यालय शिफ्ट किया गया है। एसई के टीए काम देख रहे हैं। जैसे-जैसे बजट आ रहे हैं, सडक़ों की मरम्मत करवा रहे हैं।
- एमएल मीणा, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी जोन जोधपुर